लेखपाल आयु पात्रता जाँच
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इस पेज के अनुसार OBC की छूट +5 साल मानी गई है। कुछ साइटें 3 साल बताती हैं; आधिकारिक विज्ञापन में पुष्टि करें।
उम्र सिर्फ एक शर्त है। आपको 12वीं पास, UP का निवास और UPSSSC PET का क्वालिफाइंग स्कोर भी चाहिए। 2025 के चक्र से PET स्कोर परिणाम की तारीख से 3 साल तक मान्य है (दिसंबर 2025 में घोषित PET 2025 दिसंबर 2028 तक मान्य है)।
यह इस पेज पर दिए उम्र के नियमों (18-40 साल; SC/ST +5, OBC +5) पर आधारित अनुमान है। विज्ञापन में दूसरी छूटें भी हो सकती हैं जो यह टूल नहीं गिनता। अंतिम फ़ैसला आधिकारिक विज्ञापन का है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आधिकारिक नाम | राजस्व लेखपाल (Rajasva Lekhpal / Revenue Accountant) |
| विभाग | राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| स्तर | ग्राम स्तर, अराजपत्रित (नॉन-गजटेड) |
| किसे रिपोर्ट करता है | राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) → तहसीलदार → SDM → DM |
| दूसरे राज्यों में समकक्ष पद | पटवारी (MP, राजस्थान, HP), तलाटी (गुजरात), विलेज रेवेन्यू ऑफिसर (AP; पुराना नाम करणम), विलेज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (TN), विलेज ऑफिसर (केरल) |
| पे लेवल | लेवल-3 (7वां वेतन आयोग) |
| वेतनमान | ₹21,700 – ₹69,100 |
| इन-हैंड वेतन | ₹25,000 – ₹35,000 (शुरुआती, तैनाती के हिसाब से अलग) |
| 2026 भर्ती | 7,994 पद (UPSSSC, अधिसूचना 16 दिसंबर 2025) |
| भर्ती संस्था | UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) |
| पात्रता | UPSSSC PET क्वालिफाइड + 12वीं पास |
| चयन | PET → मुख्य परीक्षा (100 अंक) → दस्तावेज़ सत्यापन |
लेखपाल कौन है — और यह पद लोगों की सोच से ज़्यादा अहम क्यों है
लेखपाल, जिसका आधिकारिक नाम राजस्व लेखपाल है, उत्तर प्रदेश का गांव स्तर का राजस्व अधिकारी है, जो राजस्व विभाग के तहत तैनात होता है। “लेखपाल” का शाब्दिक अर्थ है “रिकॉर्ड रखने वाला”: लेख (रिकॉर्ड) + पाल (रखने वाला)। जिसे मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में पटवारी और गुजरात में तलाटी कहते हैं, उसे UP में लेखपाल कहते हैं।
ग्रामीण और कस्बाई UP के हर नागरिक के लिए यह अधिकारी उस जगह बैठता है जहां तीन व्यवस्थाएं मिलती हैं। लेखपाल UP Bhulekh पोर्टल के भूमि रिकॉर्ड रखता है: खतौनी, खसरा, नामांतरण रिकॉर्ड और फसल का डेटा। लेखपाल ई-डिस्ट्रिक्ट UP पर किए गए प्रमाण पत्र आवेदनों के ब्योरे का सत्यापन करता है: आय, जाति, निवास और चरित्र। और जब किसी की मृत्यु होती है, ज़मीन विरासत में मिलती है, फसल बर्बाद होती है या सीमा का विवाद खड़ा होता है, तो लोग सबसे पहले लेखपाल के पास ही जाते हैं। एक पद, तीन अहम व्यवस्थाएं, और आम तौर पर 2-5 गांवों का ज़िम्मा।
लेखपाल को अक्सर “गांव स्तर पर कलेक्टर की आंख और कान” कहा जाता है। यह सिर्फ औपचारिक भाषा नहीं है; कामकाज के हिसाब से यह बात बिल्कुल सही है। लेखपाल की सत्यापन रिपोर्ट के बिना न ज़मीन की बिक्री आगे बढ़ती है, न विरासत, न सरकारी प्रमाण पत्र, न गांव स्तर का कोई राजस्व मामला।
लेखपाल असल में क्या करता है — रोज़ के काम
इस पद पर लिखे ज़्यादातर पेज सिर्फ परीक्षा की बात करते हैं। चयन के बाद लेखपाल का कामकाजी दिन इन ज़िम्मेदारियों से बनता है। 1 जुलाई 2026 से लेखपाल ग्राम सचिवालयों में भी नियमित रूप से बैठते हैं, ताकि गांव वालों को उनसे मिलने के लिए तहसील न जाना पड़े।
भूमि रिकॉर्ड का रखरखाव
लेखपाल हर भूखंड के लिए गांव के भूमि रिकॉर्ड (खतौनी) रखता है, जिसमें मालिकाना हक, क्षेत्रफल, मिट्टी का प्रकार, सिंचाई की स्थिति, बोई गई फसल, और कोई भार (बंधक आदि) या अदालती आदेश दर्ज होते हैं। मई 2016 में UP Bhulekh पोर्टल शुरू होने से पहले ये रिकॉर्ड सिर्फ उन रजिस्टरों (बही-खातों) में थे जिन्हें लेखपाल हाथ से रखता था। आज लेखपाल upbhulekh.gov.in पर दिखने वाले डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट करता है। जब तहसीलदार नामांतरण (दाखिल खारिज) मंज़ूर करते हैं, तो लेखपाल बदलाव दर्ज करता है। जब फसली वर्ष (जुलाई-जून का राजस्व वर्ष) बंद होता है, तो लेखपाल अगले चक्र के लिए अपडेटेड खतौनी तैयार करता है।
ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र का सत्यापन
जब कोई नागरिक eSathi पोर्टल (esathi.up.gov.in) पर आय, जाति, निवास या चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करता है, तो आवेदन सत्यापन की कड़ी में पहुंचता है, और उस कड़ी का पहला अधिकारी लेखपाल है। लेखपाल आवेदक के इलाके में जाकर ब्योरे की जाँच करता है:
- आय प्रमाण पत्र: परिवार की आय के स्रोत, संपत्ति और रहन-सहन का स्तर।
- जाति प्रमाण पत्र: स्थानीय रिकॉर्ड और समुदाय की जानकारी के ज़रिए परिवार की जाति की पृष्ठभूमि।
- निवास प्रमाण पत्र: आवेदक सच में बताए गए पते पर रहता है या नहीं।
लेखपाल की रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पास जाती है, और फिर तहसीलदार के पास, जो डिजिटल हस्ताक्षर करके प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
इसी वजह से ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र बनने में 7-15 कार्य दिवस लगते हैं। रुकावट पोर्टल में नहीं, लेखपाल के मौके के दौरे में है। जुलाई-सितंबर में, यानी UP स्कॉलरशिप के मौसम में, जब स्कॉलरशिप के आवेदन लाखों में पहुंच जाते हैं (2025-26 में 84.88 लाख), तो सत्यापन का काम कई गुना बढ़ जाता है और प्रक्रिया धीमी हो जाती है। 2026 में UPSSSC की 7,994 नए लेखपालों की भर्ती की एक वजह यही बकाया काम है।
नामांतरण और वरासत की प्रक्रिया
जब ज़मीन बिक्री, विरासत (वरासत), दान या बंटवारे से किसी और के पास जाती है, तो ज़मीनी सत्यापन लेखपाल करता है: ज़मीन का मुआयना, खरीदार और विक्रेता की पहचान की जाँच, IGRSUP के रजिस्ट्री दस्तावेज़ों की पुष्टि, किसी भार या विवाद की जाँच, और मंज़ूरी या नामंज़ूरी की सिफारिश के साथ तहसीलदार को रिपोर्ट। वरासत (मृत्यु के बाद विरासत) में तहसीलदार के हस्तांतरण मंज़ूर करने से पहले लेखपाल ई-डिस्ट्रिक्ट का मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर नकल और वारिस की पहचान जाँचता है।
फसल नुकसान और आपदा की रिपोर्ट
जब बाढ़, सूखे, ओलावृष्टि या कीटों से फसल को नुकसान होता है, तो लेखपाल मौके पर नुकसान का आकलन करता है और दर्ज करता है कि कौन से भूखंड प्रभावित हैं, कितना नुकसान है और अनुमानित हानि कितनी है। यही रिपोर्ट फसल बीमा दावों (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) और आपदा राहत का आधार बनती है। लेखपाल गिरदावरी भी करता है, यानी खेत-दर-खेत निरीक्षण, जिसमें हर फसली मौसम में दर्ज होता है कि किस भूखंड पर कौन सी फसल उगाई गई है। यह डेटा ekhasra.up.gov.in के ई-खसरा रिकॉर्ड में जाता है, और इसके बिना किसानों को मुआवज़ा नहीं मिल सकता।
राजस्व वसूली और सरकारी योजनाओं में सहयोग
लेखपाल भू-राजस्व की वसूली में मदद करता है, रसीदें दर्ज करता है और बकायेदारों की रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक को देता है। लेखपाल गांव स्तर पर सरकारी योजनाओं में भी सहयोग करता है, जैसे पेंशन (SSPY), राशन कार्ड (UP राशन कार्ड) और आवास योजनाओं की पात्रता का सत्यापन। लेखपाल से उम्मीद की जाती है कि वह अपने गांवों के हर परिवार को जानता हो: आय, ज़मीन, परिवार की बनावट और योजनाओं के हक।
मृत्यु और अपराध की रिपोर्ट
जब गांव के किसी निवासी की मृत्यु होती है, तो लेखपाल मृत्यु दर्ज करता है ताकि राजस्व रिकॉर्ड, खासकर ज़मीन का मालिकाना हक, अपडेट हो सके। कोई अपराध होने पर लेखपाल स्थानीय जानकारी, संपत्ति के रिकॉर्ड और परिवार की पृष्ठभूमि देकर पुलिस की मदद करता है। गांव में क्या हो रहा है, यह अक्सर सबसे पहले लेखपाल को ही पता चलता है।
तैनाती और तबादले
लेखपाल की तैनाती चयन के समय आवंटित जिले के भीतर एक हल्का में होती है, जो आम तौर पर 2-5 गांवों का समूह होता है। पहली तैनाती आम तौर पर गृह जिले में या उसके आसपास होती है, हालांकि सामान्यतः लेखपाल की अपनी गृह तहसील में नहीं। तैनाती सामान्य रूप से ग्रामीण होती है; शहरी तैनाती बहुत कम और सीमित होती है। राज्य की तबादला नीति के तहत लेखपालों का हर 3-5 साल में एक हल्के से दूसरे हल्के में तबादला होता है। व्यवहार में इस नौकरी का मतलब है कि गांव वाले लगभग किसी भी समय, चाहे मृत्यु हो, ज़मीन का विवाद हो या फसल का नुकसान, लेखपाल तक पहुंच सकें, इसलिए हल्के में या उसके पास रहने से काम काफी आसान हो जाता है।
राजस्व प्रशासन का ढांचा — लेखपाल कहां आता है
कमान की यह कड़ी बताती है कि लेखपाल किसे रिपोर्ट करता है, उसके काम की निगरानी कौन करता है और पदोन्नति का रास्ता कैसा है।
| स्तर | अधिकारी | क्षेत्र | भूमिका |
|---|---|---|---|
| ग्राम | लेखपाल | 2-5 गांव | मौके पर सत्यापन, रिकॉर्ड रखना, संपर्क का पहला बिंदु |
| सर्किल | राजस्व निरीक्षक / कानूनगो | एक सर्किल, लगभग 10-15 गांव | लेखपालों की निगरानी, उनकी रिपोर्टों की समीक्षा, ऑडिट |
| तहसील | तहसीलदार | एक तहसील (कई सर्किल) | प्रमाण पत्र और नामांतरण मंज़ूर करना; प्रमाण पत्रों पर हस्ताक्षर |
| उप-मंडल | SDM (उप जिलाधिकारी) | एक उप-मंडल | अपील, जटिल मामले, वरिष्ठ स्तर के प्रमाण पत्र |
| जिला | DM / कलेक्टर (जिलाधिकारी) | एक जिला | पूरा राजस्व प्रशासन, जनहित गारंटी अधिनियम का पालन |
लेखपाल इस पिरामिड के आधार पर है। हर सत्यापन रिपोर्ट, भूमि रिकॉर्ड का हर अपडेट और हर मौका-मुआयना लेखपाल से शुरू होकर ऊपर जाता है। eSathi पर आवेदन से लेकर नागरिक के डाउनलोड किए गए डिजिटल हस्ताक्षर वाले PDF तक, ई-डिस्ट्रिक्ट की पूरी कड़ी इस पर टिकी है कि लेखपाल पहला कदम पूरा करे।
वेतन संरचना — लेखपाल कितना कमाता है
यह पद 7वें वेतन आयोग के पे लेवल-3 पर है। 2026 में नए नियुक्त लेखपाल के वेतन का ब्योरा यह है।
| घटक | राशि |
|---|---|
| मूल वेतन | ₹21,700 |
| ग्रेड पे (पुराने 6वें वेतन आयोग के बराबर) | ₹2,000, अब अलग से नहीं बल्कि लेवल-3 में शामिल |
| महंगाई भत्ता (DA) | 1 जनवरी 2026 से मूल वेतन का 60% (लगभग ₹13,020; UP का मई 2026 का आदेश), समय-समय पर संशोधित |
| मकान किराया भत्ता (HRA) | ₹2,000 – ₹4,000, तैनाती ग्रामीण है या शहरी, इसके हिसाब से |
| परिवहन भत्ता (TA) | सरकारी नियमों के अनुसार |
| अनुमानित इन-हैंड (शुरुआती) | ₹25,000 – ₹35,000 महीना |
| पूरे करियर का वेतनमान | ₹21,700 – ₹69,100 |
कटौतियां: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) अंशदान और समूह बीमा प्रीमियम। कटौतियों के बाद नया लेखपाल ग्रामीण तैनाती में लगभग ₹25,000-28,000 और जहां HRA ज़्यादा है वहां ₹30,000-35,000 घर ले जाता है।
प्रशिक्षण अवधि: नए लेखपाल 2 साल की परिवीक्षा पर रहते हैं, जिसमें भूमि रिकॉर्ड, राजस्व कानून (UP राजस्व संहिता 2006) और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण होता है। प्रशिक्षण के दौरान पूरा मूल वेतन और DA मिलता है; परिवीक्षा में कम वेतन जैसा कुछ नहीं है।
सालाना वेतन वृद्धि: हर साल मूल वेतन का 3%। 10 साल बाद, वेतन वृद्धि और DA संशोधनों के साथ, इन-हैंड वेतन ₹45,000-50,000 पार कर जाता है। 8वां वेतन आयोग पे मैट्रिक्स और बढ़ा सकता है: इसकी विचारणीय शर्तें (Terms of Reference) 3 नवंबर 2025 को अधिसूचित हुईं और रिपोर्ट लगभग 2027 के मध्य तक आनी है, पर इसे लागू करने की कोई तारीख तय नहीं है, और राज्य कर्मचारियों के लिए UP को इसे अलग से अपनाना होगा।
दूसरी सुविधाएं: खुद और आश्रितों के लिए चिकित्सा सुविधा, अवकाश यात्रा भत्ता, समूह बीमा, अर्जित अवकाश का नकदीकरण, और पेंशन (नई भर्तियों के लिए NPS)।
7,994 पद — UPSSSC लेखपाल भर्ती 2026
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 16 दिसंबर 2025 को विज्ञापन संख्या 02-Exam/2025 के तहत लेखपाल की अधिसूचना जारी की। यह UP में एक ही पद के लिए समूह ‘ग’ (Group C) की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक है।
वर्ग के अनुसार पद
| वर्ग | पद |
|---|---|
| सामान्य (अनारक्षित) | 4,165 |
| OBC | 1,441 |
| SC | 1,446 |
| ST | 150 |
| EWS | 792 |
| कुल | 7,994 |
आवेदन शुल्क
UPSSSC हर वर्ग (सामान्य, OBC, SC, ST, EWS) से एक समान ₹25 परीक्षा शुल्क लेता है, जो PAYGOV से ऑनलाइन भरा जाता है। आपका PET शुल्क अलग से तब भरा गया था जब आपने PET दी थी।
समय-सारणी
| चरण | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 16 दिसंबर 2025 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | 29 दिसंबर 2025 |
| आवेदन की आखिरी तारीख | 28 जनवरी 2026 |
| मुख्य परीक्षा | 21 मई 2026 |
| परिणाम | 11 सितंबर 2026 |
| दस्तावेज़ सत्यापन | 15-29 सितंबर 2026 |
पात्रता
उम्र: 18-40 साल, UP सरकार के नियमों के अनुसार छूट के साथ (SC/ST +5 साल, OBC +5 साल; कुछ साइटें OBC के लिए 3 साल बताती हैं, इसलिए आधिकारिक विज्ञापन में पुष्टि करें)। उम्र 1 जुलाई 2025 की स्थिति में गिनी जाती है, जो विज्ञापन 02-Exam/2025 के लिए दी गई कट-ऑफ तारीख है।
शिक्षा: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट)। डिग्री की ज़रूरत नहीं; यह 12वीं पास वालों की सरकारी नौकरी है।
पूर्व शर्त: UPSSSC PET 2025 का क्वालिफाइंग स्कोर। PET (प्रारंभिक अर्हता परीक्षा) UPSSSC की सभी भर्तियों की छंटनी परीक्षा है, और इसके बिना आप लेखपाल समेत UPSSSC के किसी भी पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते। 2025 के चक्र से PET स्कोर परिणाम की तारीख से 3 साल तक मान्य है (पहले यह 1 साल था); दिसंबर 2025 में घोषित PET 2025 का स्कोर दिसंबर 2028 तक मान्य है।
निवास: ई-डिस्ट्रिक्ट से UP का निवास प्रमाण पत्र, यानी उसी पोर्टल से जिसके प्रमाण पत्रों का सत्यापन आप चयन के बाद करेंगे।
UPSSSC PET क्या है?
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) UPSSSC की प्रवेश स्तर की छंटनी परीक्षा है। लेखपाल, कनिष्ठ सहायक और VDO समेत UPSSSC की हर समूह ‘ग’ भर्ती में उम्मीदवार PET पूल से लिए जाते हैं। PET अपने आप में चयन परीक्षा नहीं है: यह सिर्फ तय करती है कि हर पद की मुख्य परीक्षा के लिए कौन आवेदन कर सकता है, और भर्तियों में अक्सर न्यूनतम PET स्कोर तय होता है।
| PET का विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रश्न और अंक | 100 प्रश्न, 100 अंक |
| अवधि | 2 घंटे |
| विषय | भारतीय इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, सामान्य विज्ञान, प्रारंभिक गणित, हिंदी, अंग्रेज़ी, तर्कशक्ति, समसामयिकी, और ग्राफ/तालिका की व्याख्या |
| नेगेटिव मार्किंग | हर गलत उत्तर पर 1/4 अंक |
| मान्यता | 2025 के चक्र से परिणाम की तारीख से 3 साल (पहले 1 साल); PET 2025 दिसंबर 2028 तक मान्य |
यानी लेखपाल बनने की ओर असली पहला कदम PET है। अगर आपने PET 2025 नहीं दी, तो आप 2026 के चक्र में आवेदन नहीं कर सकते थे। सिलेबस और स्कोरकार्ड के लिए हमारी UPSSSC PET गाइड देखें।
चकबंदी लेखपाल
UPSSSC के कुछ चक्रों में चकबंदी विभाग के लिए अलग से चकबंदी लेखपाल की भर्ती भी होती है, जो भूमि की चकबंदी का काम देखता है। यह अलग विभाग का अलग पद है, इसलिए हर अधिसूचना ध्यान से पढ़ें कि वह किस पद के लिए है। यह पेज राजस्व विभाग के राजस्व लेखपाल के बारे में है।
पिछली लेखपाल भर्तियां
लेखपाल भर्ती हर साल नहीं होती। बड़ी भर्तियां लगभग हर 3-4 साल में आई हैं, इसलिए अपनी तैयारी इसी लय के हिसाब से बनाएं।
| चक्र | पद | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 2026 (विज्ञापन 02-Exam/2025) | 7,994 | 16 दिसंबर 2025 को अधिसूचित; PET 2025 ज़रूरी |
| 2022 | 8,085 (सामान्य 3,271, OBC 2,174, SC 1,690, ST 152, EWS 798) | 5 जनवरी 2022 को अधिसूचित; लगभग 13.9 लाख आवेदन; मुख्य परीक्षा 31 जुलाई 2022; PET (PET 2021) वाला पहला लेखपाल चक्र |
| 2015-16 | लगभग 13,600 | PET शुरू होने से पहले; 2015 की भर्ती UPSSSC के ज़िम्मा लेने से पहले राजस्व परिषद ने कराई थी |
प्रतियोगिता और कट-ऑफ
2026 के चक्र में 7,994 पदों के लिए लगभग 15-16 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया, यानी लगभग हर 200 आवेदकों पर एक पद। 2022 के चक्र में (परिणाम 2 मई 2023) कट-ऑफ 100 में से UR, OBC और EWS के लिए 75.75, SC के लिए 73.75 और ST के लिए 66.50 था। पदों की संख्या, पेपर की कठिनाई और उम्मीदवारों की संख्या के साथ कट-ऑफ हर चक्र में बदलता है, इसलिए पिछले कट-ऑफ को निशाना बनाने के बजाय उससे काफी ऊपर का लक्ष्य रखें।
परीक्षा पैटर्न — मुख्य परीक्षा कैसी होती है
लेखपाल मुख्य परीक्षा UPSSSC द्वारा आयोजित एक लिखित पेपर है।
| मापदंड | विवरण |
|---|---|
| कुल प्रश्न | 100 |
| कुल अंक | 100 |
| अवधि | 2 घंटे |
| प्रकार | वस्तुनिष्ठ (MCQ) |
| नेगेटिव मार्किंग | हर गलत उत्तर पर 1/4 अंक |
| भाषा | हिंदी और अंग्रेज़ी |
| माध्यम | ऑफलाइन (OMR) |
विषय के अनुसार बंटवारा (2026, विज्ञापन 02-Exam/2025)
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| हिंदी | 10 | 10 |
| आंकड़ों की व्याख्या (डेटा इंटरप्रिटेशन) | 10 | 10 |
| पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन | 10 | 10 |
| इतिहास, भारतीय राजव्यवस्था, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, ग्रामीण समाज, समसामयिक घटनाएं और सामान्य विज्ञान (5-5) | 35 | 35 |
| कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी | 15 | 15 |
| उत्तर प्रदेश सामान्य जानकारी | 20 | 20 |
| कुल | 100 | 100 |
2022 का परीक्षा पैटर्न (पुराने पेपरों के अभ्यास के लिए)
2022 की लेखपाल मुख्य परीक्षा में बंटवारा अलग था। अगर आप 2022 के प्रश्न पत्र से अभ्यास करते हैं, तो यह अब भी काम का है।
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| हिंदी ज्ञान | 25 | 25 |
| गणित | 25 | 25 |
| सामान्य ज्ञान | 25 | 25 |
| ग्रामीण विकास एवं राजस्व | 25 | 25 |
| कुल | 100 | 100 |
राजस्व खंड का सिलेबस (2022 पैटर्न)
2022 के पैटर्न में ग्रामीण विकास एवं राजस्व खंड ही उस परीक्षा को समूह ‘ग’ की दूसरी परीक्षाओं से अलग करता था। इसमें आम तौर पर ये विषय आते थे:
- UP राजस्व संहिता 2006: मुख्य राजस्व कानून, जिसमें नामांतरण, विरासत (वरासत), भूमि की श्रेणियां और लेखपाल के कानूनी कर्तव्य शामिल हैं।
- भूमि रिकॉर्ड के शब्द: खतौनी, खसरा, खाता, गाटा, भू-नक्शा, गिरदावरी, फसली वर्ष, और भू-अभिलेख की शब्दावली।
- पंचायती राज: त्रिस्तरीय व्यवस्था, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम सभा की भूमिका।
- ग्रामीण विकास योजनाएं: आवास, रोज़गार, पेंशन, खाद्य सुरक्षा और किसानों के लिए केंद्र और UP की योजनाएं।
- कृषि की बुनियादी बातें: फसलें और मौसम (खरीफ, रबी, ज़ायद), मिट्टी, सिंचाई और फसल बीमा।
जो उम्मीदवार समझते हैं कि भूलेख पोर्टल और ई-डिस्ट्रिक्ट सत्यापन असल में कैसे काम करते हैं, उन्हें यहां स्वाभाविक बढ़त मिलती है, क्योंकि यह खंड सिर्फ सिद्धांत नहीं, व्यावहारिक जानकारी परखता है।
दस्तावेज़ सत्यापन — कौन से प्रमाण पत्र चाहिए
मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद चयनित उम्मीदवारों का दस्तावेज़ सत्यापन (DV) होता है। 2026 के चक्र में DV दस्तावेज़ों को ऑनलाइन अपलोड करके हुआ (15-29 सितंबर 2026)। दिलचस्प बात यह है: ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने वाला अधिकारी बनने के लिए आपको खुद ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र चाहिए।
DV में ज़रूरी:
- 10वीं की मार्कशीट (उम्र का प्रमाण, और नाम मिलाने का मुख्य दस्तावेज़)
- 12वीं की मार्कशीट और प्रमाण पत्र (अनिवार्य योग्यता)
- ई-डिस्ट्रिक्ट से जाति प्रमाण पत्र, SC/ST/OBC आरक्षण के दावे के लिए
- ई-डिस्ट्रिक्ट से निवास प्रमाण पत्र, UP में निवास के प्रमाण के रूप में
- ई-डिस्ट्रिक्ट से EWS प्रमाण पत्र, 10% EWS आरक्षण के लिए (हर साल 31 मार्च को समाप्त)
- ई-डिस्ट्रिक्ट से चरित्र प्रमाण पत्र, जो तहसीलदार जारी करते हैं
- UPSSSC PET स्कोरकार्ड
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ फोटो (6-10 प्रतियां)
- सभी मूल दस्तावेज़ और हर एक की 2 स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी
करियर का रास्ता — लेखपाल से तहसीलदार
राजस्व विभाग में पदोन्नति एक तय सीढ़ी पर चलती है, और लेखपाल UP सरकार के सबसे स्थापित करियरों में से एक का प्रवेश द्वार है।
- 1
लेखपाल
लेवल-3 · प्रवेश
गांव स्तर पर मौके का सत्यापन और भूमि रिकॉर्ड।
- 2
राजस्व निरीक्षक / कानूनगो
लेवल-6
विभागीय परीक्षा और वरिष्ठता। 3-5 लेखपालों की निगरानी और उनकी रिपोर्टों की समीक्षा।
- 3
नायब तहसीलदार
लेवल 6-7 (स्रोतों में अंतर) · राजपत्रित
राजस्व अदालतों और प्रशासन में तहसीलदार की सहायता।
- 4
तहसीलदार
लेवल-10 (₹56,100-1,77,500) · राजपत्रित
ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र मंज़ूर करते हैं और उन पर डिजिटल हस्ताक्षर करते हैं।
लेखपाल से राजस्व निरीक्षक बनने के लिए विभागीय पदोन्नति परीक्षा पास करनी होती है, और यह रिक्तियों पर निर्भर करता है। राजस्व निरीक्षक के रूप में अधिकारी 3-5 लेखपालों की निगरानी करता है और उनकी सत्यापन रिपोर्टों की समीक्षा करता है। नायब तहसीलदार और तहसीलदार राजपत्रित पद हैं, जिनमें वेतन और अधिकार कहीं ज़्यादा हैं; तहसीलदार ही वह अधिकारी हैं जो ई-डिस्ट्रिक्ट पर प्रमाण पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर करते हैं।
दूसरे रास्ते: लेखपाल की सेवा राज्य सरकार की दूसरी परीक्षाओं के लिए अर्हक सेवा मानी जाती है। कई लेखपाल नौकरी करते हुए UPPSC PCS या RO/ARO की तैयारी करते हैं, और नौकरी में मिली राजस्व की जानकारी सामान्य अध्ययन और इंटरव्यू में सीधे काम आती है।
लेखपाल भूलेख और ई-डिस्ट्रिक्ट से कैसे जुड़ा है
यह वह कड़ी है जिसे कोई और वेबसाइट नहीं समझाती: एक अधिकारी UP के दो सबसे बड़े डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को आपस में कैसे जोड़ता है।
लेखपाल → भूलेख
UP Bhulekh (upbhulekh.gov.in) पर हर भूमि रिकॉर्ड, हर खतौनी प्रविष्टि, नामांतरण और खसरा विवरण मूल रूप से किसी लेखपाल ने बनाया था और वही उसे रखता है। पोर्टल उन रजिस्टरों का डिजिटल आईना है जो लेखपाल गांव स्तर पर रखता है। जब आप ऑनलाइन अपनी खतौनी देखते हैं, तो आप वह डेटा पढ़ रहे होते हैं जिसे आखिरी बार लेखपाल ने अपडेट किया था। जब तहसीलदार नामांतरण मंज़ूर करते हैं, तो लेखपाल उसे दर्ज करता है और वह भूलेख पर दिखने लगता है। गिरदावरी (मौसमी फसल निरीक्षण) का डेटा ई-खसरा (ekhasra.up.gov.in) में जाता है। पोर्टल ने रिकॉर्ड डिजिटल किए हैं, पर उन्हें बनाता, अपडेट करता और सुधारता आज भी लेखपाल ही है।
लेखपाल → ई-डिस्ट्रिक्ट
ई-डिस्ट्रिक्ट पर हर आय, जाति, निवास और चरित्र प्रमाण पत्र तहसीलदार तक पहुंचने से पहले लेखपाल से होकर गुज़रता है। नागरिक eSathi पर आवेदन करता है, सिस्टम आवेदन को उस गांव के लेखपाल को सौंपता है, लेखपाल जाकर सत्यापन करता है, रिपोर्ट ऊपर की कड़ी में जाती है, और तहसीलदार हस्ताक्षर करते हैं। UP स्कॉलरशिप के मौसम (जुलाई-सितंबर) में काम कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि 84.88 लाख छात्रों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र चाहिए होते हैं। अगर आपकी ई-डिस्ट्रिक्ट स्थिति में “क्षेत्र अधिकारी को अग्रेषित”, “सत्यापनाधीन” या “लेखपाल रिपोर्ट प्रतीक्षित” दिखे, तो वह क्षेत्र अधिकारी लेखपाल ही है और आवेदन उसी के पास है।
पूरा चक्र
त्वरित संदर्भ
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आधिकारिक पदनाम | राजस्व लेखपाल (Rajasva Lekhpal) |
| विभाग | राजस्व विभाग, UP |
| भर्ती संस्था | UPSSSC |
| 2026 के पद | 7,994 |
| अधिसूचना की तारीख | 16 दिसंबर 2025 |
| विज्ञापन संख्या | 02-Exam/2025 |
| आवेदन शुल्क | ₹25 (सभी वर्ग) |
| आवेदक (2026) | लगभग 15-16 लाख |
| पिछले चक्र | 2022 (8,085 पद; मुख्य परीक्षा 31 जुलाई 2022), 2015-16 (लगभग 13,600) |
| PET की मान्यता | 3 साल (2025 के चक्र से; पहले 1 साल) |
| मुख्य परीक्षा | 21 मई 2026 |
| परिणाम | 11 सितंबर 2026 |
| पे लेवल | लेवल-3 (7वां वेतन आयोग) |
| वेतनमान | ₹21,700 – ₹69,100 |
| इन-हैंड वेतन | ₹25,000 – ₹35,000 (शुरुआती) |
| ग्रेड पे (पुराना समकक्ष) | ₹2,000 |
| पात्रता | 12वीं पास + PET क्वालिफाइड |
| परीक्षा पैटर्न | 100 MCQ, 100 अंक, 2 घंटे, OMR |
| नेगेटिव मार्किंग | हर गलत उत्तर पर 1/4 |
| तैनाती | ग्राम स्तर, 2-5 गांव |
| परिवीक्षा | 2 साल (पूरा वेतन) |
| पदोन्नति | → राजस्व निरीक्षक → नायब तहसीलदार → तहसीलदार |
| समकक्ष | पटवारी (MP/राजस्थान/HP), तलाटी (गुजरात), विलेज रेवेन्यू ऑफिसर (AP, पुराना नाम करणम), VAO (TN), विलेज ऑफिसर (केरल) |
| जुड़े पोर्टल | ई-डिस्ट्रिक्ट (edistrict.up.gov.in), भूलेख (upbhulekh.gov.in) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखपाल क्या होता है?
लेखपाल (राजस्व लेखपाल) उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के तहत गांव स्तर का राजस्व अधिकारी है, जो दूसरे राज्यों के पटवारी के बराबर है। लेखपाल भूमि रिकॉर्ड (भूलेख) रखता है, प्रमाण पत्र आवेदनों (ई-डिस्ट्रिक्ट) का सत्यापन करता है, नामांतरण की प्रक्रिया करता है, फसल नुकसान का आकलन करता है और राजस्व वसूली में मदद करता है। वह राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को रिपोर्ट करता है।
यूपी लेखपाल का वेतन कितना है?
7वें वेतन आयोग का पे लेवल-3: मूल वेतन ₹21,700, वेतनमान ₹21,700-69,100। शुरुआती इन-हैंड वेतन DA, HRA और TA मिलाकर, तैनाती के हिसाब से, लगभग ₹25,000-35,000 महीना होता है। सुविधाओं में चिकित्सा सुविधा, NPS पेंशन, समूह बीमा और अवकाश यात्रा भत्ता शामिल हैं।
UP Lekhpal 2026 में कितने पद हैं?
16 दिसंबर 2025 की UPSSSC अधिसूचना (विज्ञापन संख्या 02-Exam/2025) के तहत राजस्व लेखपाल के 7,994 पद। वर्ग के हिसाब से: सामान्य (अनारक्षित) 4,165, OBC 1,441, SC 1,446, ST 150, EWS 792।
यूपी लेखपाल के लिए पात्रता क्या है?
किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास, और UPSSSC PET 2025 का क्वालिफाइंग स्कोर। उम्र 18-40 साल, आरक्षित वर्गों को छूट के साथ। UP का निवासी (डोमिसाइल) होना ज़रूरी है।
यूपी लेखपाल का आवेदन शुल्क कितना है?
हर वर्ग के लिए ₹25, जो PAYGOV से ऑनलाइन भरा जाता है। UPSSSC PET का शुल्क अलग है और PET का आवेदन करते समय दिया जाता है।
2026 से पहले आखिरी लेखपाल भर्ती कब हुई थी?
2022 में, 8,085 पदों के साथ (अधिसूचना 5 जनवरी 2022; मुख्य परीक्षा 31 जुलाई 2022)। यह पहला लेखपाल चक्र था जिसमें PET स्कोर (PET 2021) ज़रूरी था। उससे पहले 2015-16 में लगभग 13,600 पदों की बड़ी भर्ती हुई थी (2015 की भर्ती UPSSSC के ज़िम्मा लेने से पहले राजस्व परिषद ने कराई थी)। बड़ी भर्तियां लगभग हर 3-4 साल में आई हैं।
पिछली लेखपाल भर्ती का कट-ऑफ कितना था?
2022 के चक्र में (परिणाम 2 मई 2023) कट-ऑफ 100 में से UR, OBC और EWS के लिए 75.75, SC के लिए 73.75 और ST के लिए 66.50 था। पदों की संख्या, पेपर की कठिनाई और उम्मीदवारों की संख्या के साथ कट-ऑफ हर चक्र में बदलता है, इसलिए उससे काफी ऊपर का लक्ष्य रखें।
कौन सी परीक्षा पास करनी होती है?
दो चरण। पहले UPSSSC PET क्वालिफाई करें, जो UPSSSC की सभी भर्तियों की प्रवेश परीक्षा है। फिर लेखपाल मुख्य परीक्षा (Mains) दें: 100 प्रश्न, 100 अंक, 2 घंटे, ऑफलाइन OMR, हर गलत उत्तर पर 1/4 अंक की कटौती। 2026 के पेपर (विज्ञापन 02-Exam/2025) में हिंदी 10, आंकड़ों की व्याख्या (डेटा इंटरप्रिटेशन) 10, पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन 10, इतिहास, भारतीय राजव्यवस्था, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, ग्रामीण समाज, समसामयिक घटनाएं और सामान्य विज्ञान 5-5 (35), कंप्यूटर एवं IT 15, और उत्तर प्रदेश की सामान्य जानकारी 20 प्रश्न हैं। पुराने 2022 पैटर्न में हिंदी 25, गणित 25, सामान्य ज्ञान 25 और ग्रामीण विकास एवं राजस्व 25 प्रश्न थे।
लेखपाल रोज़ असल में क्या करता है?
गांव के भूमि रिकॉर्ड (भूलेख पर खतौनी) रखता है, ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र आवेदनों (आय, जाति, निवास) का सत्यापन करता है, नामांतरण और वरासत की प्रक्रिया करता है, गिरदावरी (मौसमी फसल निरीक्षण) करता है, बीमा के लिए फसल नुकसान की रिपोर्ट देता है, राजस्व वसूली में मदद करता है और सरकारी योजनाओं में सहयोग करता है। एक लेखपाल के पास आम तौर पर 2-5 गांव होते हैं और वह दिन में 10-11 घंटे ड्यूटी पर रहता है; आपात स्थिति में कभी-कभी रविवार को भी बुलावा आता है।
लेखपाल किसे रिपोर्ट करता है?
सर्किल स्तर पर राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को, फिर तहसील स्तर पर तहसीलदार, उप-मंडल स्तर पर SDM और जिला स्तर पर DM/कलेक्टर को। तहसीलदार लेखपाल की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर करते हैं।
पदोन्नति का रास्ता क्या है?
लेखपाल (लेवल-3) → विभागीय परीक्षा और वरिष्ठता से राजस्व निरीक्षक / कानूनगो (लेवल-6) → नायब तहसीलदार → तहसीलदार। नायब तहसीलदार और तहसीलदार राजपत्रित (गजटेड) पद हैं। कई लेखपाल नौकरी करते हुए UPPSC PCS की तैयारी भी करते हैं।
लेखपाल का ई-डिस्ट्रिक्ट से क्या संबंध है?
ई-डिस्ट्रिक्ट के eSathi पोर्टल पर आवेदन किया गया हर आय, जाति, निवास और चरित्र प्रमाण पत्र मौके पर सत्यापन के लिए लेखपाल के पास जाता है। प्रमाण पत्र बनने में 7-15 कार्य दिवस मुख्य रूप से इसी मौके के दौरे की वजह से लगते हैं। जब तक यह लंबित है, स्थिति में आवेदन सत्यापनाधीन या लेखपाल की रिपोर्ट की प्रतीक्षा में दिखता है।
लेखपाल का UP Bhulekh से क्या संबंध है?
upbhulekh.gov.in पर दिखने वाले भूमि रिकॉर्ड लेखपाल ही रखता है। भूलेख पर हर खतौनी प्रविष्टि, नामांतरण और फसल रिकॉर्ड किसी लेखपाल ने बनाया या अपडेट किया है। पोर्टल ने डेटा डिजिटल किया है, पर उसे बनाने और सुधारने वाला अधिकारी आज भी लेखपाल ही है।
क्या लेखपाल और पटवारी एक ही हैं?
काम एक, नाम अलग। UP में लेखपाल कहते हैं; मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में पटवारी; गुजरात में तलाटी; आंध्र प्रदेश में विलेज रेवेन्यू ऑफिसर (पुराना नाम करणम); तमिलनाडु में विलेज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर; और केरल में विलेज ऑफिसर। ये सभी राज्य के राजस्व विभाग के तहत भूमि रिकॉर्ड रखने वाले गांव स्तर के राजस्व अधिकारी हैं।
प्रशिक्षण अवधि कितनी होती है?
2 साल की परिवीक्षा (प्रोबेशन), जिसमें भूमि रिकॉर्ड, UP राजस्व संहिता 2006, राजस्व कानूनों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण होता है। प्रशिक्षण के दौरान पूरा वेतन (मूल + DA) मिलता है। परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद नियुक्ति स्थायी (कन्फर्म) होती है।