1ऑनलाइन आवेदन
esathi.up.gov.in → लॉग इन → पंचायती राज विभाग → “परिवार रजिस्टर की नकल” → फ़ॉर्म भरें → अपलोड करें → भुगतान करें → जमा करें।
2या ग्राम पंचायत से
ग्राम पंचायत सचिव से प्रति मांगें: ₹5, मॉडल नागरिक अधिकार पत्र के तहत 3 कार्य दिवस के भीतर जारी।
3दस्तावेज़
आधार, राशन कार्ड और आपके परिवार का विवरण (परिवार का मुखिया, गांव, ग्राम पंचायत)। eSathi पर आधार OTP।
4शुल्क और वैधता
eSathi पर लगभग ₹10-15, CSC पर ~₹30। आधिकारिक रूप से 6 महीने, लेकिन कई कार्यालय 3 महीने से कम पुरानी प्रति मांगते हैं।
परिवार रजिस्टर की नकल क्या है
परिवार रजिस्टर, जिसे कुटुंब रजिस्टर भी कहते हैं, वह घरेलू रजिस्टर है जिसे उत्तर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 6A और उत्तर प्रदेश पंचायत राज (परिवार रजिस्टरों का रखरखाव) नियमावली, 1970 के तहत रखती है। हर परिवार के लिए इसमें घर के मुखिया और हर सदस्य का नाम दर्ज होता है, साथ में मुखिया से उनका रिश्ता, लिंग, उम्र या जन्म तिथि, और बाद के बदलाव: जन्म, विवाह, मृत्यु और अलग हुए परिवार। इसका रखरखाव ग्राम पंचायत सचिव करता है।
नकल आपके परिवार की प्रविष्टि की प्रमाणित प्रति है। यह पंचायती राज विभाग के तहत जारी होती है (राजस्व विभाग के तहत नहीं), और आज आप इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट के eSathi पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या इसे सीधे ग्राम पंचायत से ले सकते हैं।
क्योंकि यह रजिस्टर दशकों पुराना है, यह अक्सर किसी ग्रामीण परिवार के सदस्यों का सबसे पुराना लिखित रिकॉर्ड होता है। इसीलिए इसकी अहमियत इसके एक पन्ने से कहीं ज़्यादा है:
- पारिवारिक रिश्तों का प्रमाण: वरासत (भूलेख पर उत्तराधिकार नामांतरण), वारिस प्रमाण पत्र, अदालती मामलों और संपत्ति के उत्तराधिकार के लिए।
- जाति का प्रमाण: पुरानी प्रविष्टियों में परिवार की जाति दर्ज होती है, और 1950 या उससे पहले की प्रविष्टियां जाति प्रमाण पत्र के लिए पैतृक प्रमाण में सबसे मज़बूत मानी जाती हैं।
- दूसरे प्रमाण पत्रों के लिए प्रमाण: मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदक का रिश्ता, निवास प्रमाण पत्र के लिए निवास का सहायक प्रमाण, और राशन कार्ड और पेंशन के लिए परिवार का विवरण।
परिवार रजिस्टर बनाम UP फैमिली आईडी — दोनों एक नहीं हैं
दोनों को आसानी से एक समझ लिया जाता है, लेकिन ये अलग-अलग काम के अलग-अलग दस्तावेज़ हैं।
| परिवार रजिस्टर की नकल | UP फैमिली आईडी | |
|---|---|---|
| यह क्या है | ग्राम पंचायत के घरेलू रजिस्टर की प्रविष्टि की प्रति | 12 अंकों की डिजिटल फैमिली आईडी (“एक परिवार एक पहचान”) |
| कौन रखता है | ग्राम पंचायत सचिव (पंचायती राज विभाग) | UP सरकार, familyid.up.gov.in पर |
| दायरा | ग्राम पंचायतों के ग्रामीण परिवार | UP के सभी परिवार; लगभग 3.6 करोड़ राशन कार्ड वाले परिवारों (~15 करोड़ लोग) के लिए राशन कार्ड नंबर ही फैमिली आईडी है |
| रिकॉर्ड कितने पुराने | दशकों पुराने, अक्सर 1950 के दशक तक | 2022 में घोषणा, फ़रवरी 2023 से चालू |
| किस काम आती है | पारिवारिक रिश्तों का कानूनी प्रमाण: अदालत, वरासत, वारिस, जाति सत्यापन | योजनाओं की पात्रता और DBT; eSathi पर निवास प्रमाण पत्र के आवेदन से पहले ज़रूरी |
आपको दोनों की ज़रूरत पड़ सकती है: निवास प्रमाण पत्र के आवेदन के लिए फैमिली आईडी, और पैतृक जाति प्रविष्टि या वारिस कौन हैं यह साबित करने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल।
eSathi पर आवेदन कैसे करें — चरण दर चरण
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eSathi पर लॉग इन करें
esathi.up.gov.in पर लॉग इन करें (अगर अकाउंट नहीं है तो पहले रजिस्टर करें; तरीका ई-डिस्ट्रिक्ट होमपेज पर eSathi रजिस्ट्रेशन वाले हिस्से में देखें)।
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पंचायती राज विभाग चुनें
“आवेदन भरें” पर क्लिक करें, “पंचायती राज विभाग” चुनें और फिर “परिवार रजिस्टर की नकल” / “कुटुंब रजिस्टर की नकल”।
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विवरण भरें
जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और गांव, परिवार के मुखिया का नाम, और अपना विवरण और परिवार से अपना रिश्ता।
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आधार OTP से सत्यापन करें
आधार OTP जांच पूरी करें।
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दस्तावेज़ अपलोड करें
आधार और राशन कार्ड (हर फ़ाइल 100KB से कम, JPEG या PDF), और मांगी जाए तो फ़ोटो।
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शुल्क चुकाएं
PAYGOV के ज़रिए लगभग ₹10-15 (UPI, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड)।
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जमा करें, ट्रैक करें और डाउनलोड करें
अपना सर्विस रिक्वेस्ट नंबर (SRN) लिख लें और इसे होमपेज के “आवेदन की स्थिति कैसे देखें” वाले हिस्से में बताए तरीके से ट्रैक करें। जारी होने पर डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रति डाउनलोड करें; गाइड इसमें 3-7 से लेकर 7-15 कार्य दिवस तक का समय बताती हैं।
वैधता — अक्सर नई प्रति क्यों चाहिए
गाइड नकल की आधिकारिक वैधता 6 महीने बताती हैं, लेकिन कई कार्यालय 3 महीने से पुरानी प्रति नहीं लेते। हर जन्म, विवाह और मृत्यु के साथ रजिस्टर बदलता है, इसलिए कार्यालय ऐसी हाल की प्रति चाहता है जिसमें परिवार की मौजूदा स्थिति दिखे।
इनके लिए नई प्रति लें:
- वरासत या वारिस प्रमाण पत्र: इसमें मृत्यु और मौजूदा वारिस दिखने चाहिए।
- अदालती मामला या संपत्ति का उत्तराधिकार।
- नया राशन कार्ड या सदस्यों में बदलाव।
- सरकारी नौकरी का दस्तावेज़ सत्यापन, जहां परिवार का विवरण जांचा जाता है।
नाम जोड़ना, बदलना या हटाना
नकल में वही दिख सकता है जो रजिस्टर में दर्ज है, इसलिए अपने परिवार की प्रविष्टि अपडेट रखें। उत्तर प्रदेश पंचायत राज (परिवार रजिस्टरों का रखरखाव) नियमावली, 1970 के नियम 6 के तहत नाम जोड़ने का आवेदन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पास जाता है, जो जांच के बाद फ़ैसला करते हैं; फिर ग्राम पंचायत सचिव रजिस्टर में प्रविष्टि करता है। अगर आप आदेश से सहमत नहीं हैं, तो 30 दिन के भीतर SDM के यहां अपील कर सकते हैं (नियम 6-A)। प्रमाण के साथ आवेदन करें:
+नवजात बच्चा
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र। पहले 21 दिन के भीतर जन्म का पंजीकरण कराएं।
+नई बहू
विवाह प्रमाण पत्र या विवाह का कोई दूसरा प्रमाण, और उसके पिछले परिवार रजिस्टर की प्रविष्टि, ताकि उसे पति के परिवार में जोड़ा जा सके।
−मृत्यु
मृत्यु प्रमाण पत्र, ताकि नाम काटा जाए और रिकॉर्ड में मृत्यु की तारीख दिखे।
✎सुधार या परिवार का अलग होना
गलत नाम, उम्र या रिश्ते के लिए, या ऐसे परिवार के लिए जो अलग-अलग घरों में बंट गया हो: प्रमाण (आधार, स्कूल रिकॉर्ड, राशन कार्ड) के साथ आवेदन। किसी भी नाम जोड़ने की तरह, ब्लॉक पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) जांच के बाद फ़ैसला करते हैं, और 30 दिन के भीतर SDM के यहां अपील हो सकती है।
प्रविष्टि अपडेट होने के बाद नई नकल के लिए आवेदन करें; पुरानी प्रति में बदलाव नहीं दिखेगा।
परिवार रजिस्टर की नकल कहां चाहिए
- UP Bhulekh पर वरासत: मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिस प्रमाण पत्र के साथ यह साबित करती है कि वारिस कौन हैं; तहसीलदार के नामांतरण मंज़ूर करने से पहले लेखपाल इसकी जांच करता है।
- जाति प्रमाण पत्र: परिवार की जाति दिखाने वाली पुरानी प्रविष्टियां मज़बूत पैतृक प्रमाण हैं, खासकर 1950 या उससे पहले की प्रविष्टियां।
- मृत्यु प्रमाण पत्र: इस बात का प्रमाण कि आवेदक निकट परिवार का सदस्य है।
- राशन कार्ड: सदस्य जोड़ने या हटाने, या अलग हुए परिवार के नए कार्ड के लिए।
- पेंशन: पारिवारिक या विधवा पेंशन के लिए रिश्ते का प्रमाण।
- अदालत और संपत्ति का उत्तराधिकार: दीवानी मामलों में परिवार की संरचना का कानूनी प्रमाण।
- SC/ST सत्यापन: पुरानी पीढ़ियों की प्रविष्टियां परिवार की दावा की गई जाति का समर्थन करती हैं।
आम समस्याएं — और उनके हल
1रजिस्टर में नाम नहीं है
परिवार में पैदा हुए बच्चे या ब्याह कर आई बहू का नाम कभी जोड़ा ही नहीं गया। पहले जन्म या विवाह के प्रमाण से रजिस्टर अपडेट कराएं, फिर नकल के लिए आवेदन करें।
2प्रति बहुत पुरानी बताकर लौटा दी गई
कई कार्यालय 3 महीने से कम पुरानी प्रति चाहते हैं। अंतिम तिथि से पहले नई प्रति के लिए आवेदन करें।
3गलत ग्राम पंचायत चुन ली
सालों के दौरान गांवों को अलग-अलग ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों में बांटा गया है। देख लें कि आपका गांव अभी किस ग्राम पंचायत में आता है।
4नाम की वर्तनी या उम्र आधार से मेल नहीं खाती
पुरानी प्रविष्टियां अक्सर आधार से अलग होती हैं। सचिव से प्रमाण के साथ प्रविष्टि सुधारने को कहें, या जहां मान्य हो वहां स्व-घोषणा से अंतर स्पष्ट करें।
5फैमिली आईडी से भ्रम
कार्यालय ने परिवार रजिस्टर की नकल मांगी और आपने फैमिली आईडी दे दी (या इसका उल्टा)। ये अलग-अलग दस्तावेज़ हैं; देख लें कि कौन सा मांगा गया है।
त्वरित जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम (हिंदी) | परिवार रजिस्टर की नकल / कुटुंब रजिस्टर की नकल |
| कौन रखता है | ग्राम पंचायत सचिव |
| विभाग | पंचायती राज विभाग, UP |
| कानून | उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 (धारा 6A); उत्तर प्रदेश पंचायत राज (परिवार रजिस्टरों का रखरखाव) नियमावली, 1970 |
| ऑनलाइन आवेदन | esathi.up.gov.in → पंचायती राज विभाग |
| शुल्क (eSathi) | लगभग ₹10-15 |
| शुल्क (ग्राम पंचायत) | ₹5, 3 कार्य दिवस के भीतर (मॉडल नागरिक अधिकार पत्र) |
| शुल्क (CSC) | लगभग ₹30 |
| प्रक्रिया का समय | 3-15 कार्य दिवस (गाइडों में अलग-अलग) |
| वैधता | आधिकारिक रूप से 6 महीने; कई कार्यालय 3 महीने से कम पुरानी चाहते हैं |
| दस्तावेज़ | आधार + राशन कार्ड (+ मांगी जाए तो फ़ोटो) |
| जाति का सबसे मज़बूत प्रमाण | 1950 या उससे पहले की प्रविष्टियां |
| इससे अलग है | UP फैमिली आईडी (familyid.up.gov.in) |
| ई-डिस्ट्रिक्ट हेल्पलाइन | 0522-2304706 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
परिवार रजिस्टर की नकल क्या है?
आपके परिवार की परिवार रजिस्टर (जिसे कुटुंब रजिस्टर भी कहते हैं) वाली प्रविष्टि की प्रमाणित प्रति (नकल)। यह वह घरेलू रजिस्टर है जिसे ग्राम पंचायत उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 6A और उत्तर प्रदेश पंचायत राज (परिवार रजिस्टरों का रखरखाव) नियमावली, 1970 के तहत रखती है। इसमें परिवार के मुखिया और हर सदस्य का नाम, मुखिया से रिश्ता, उम्र या जन्म तिथि, और जन्म, विवाह और मृत्यु जैसे बदलाव दर्ज होते हैं।
इसे ऑनलाइन कैसे पाएं?
eSathi (esathi.up.gov.in) पर: लॉग इन करें, पंचायती राज विभाग चुनें, "परिवार रजिस्टर की नकल" / "कुटुंब रजिस्टर की नकल" चुनें, अपना जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और परिवार का विवरण भरें, आधार और राशन कार्ड अपलोड करें, आधार OTP से सत्यापन करें, शुल्क चुकाएं और जमा करें। जारी होने पर डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रति डाउनलोड करें।
इसका शुल्क कितना है?
eSathi पर लगभग ₹10-15 (कुछ गाइड ₹15 बताती हैं), CSC पर लगभग ₹30, और सीधे ग्राम पंचायत से ₹5, जहां मॉडल नागरिक अधिकार पत्र (Model Citizen Charter) के तहत इसे 3 कार्य दिवस के भीतर जारी होना चाहिए।
यह कितने समय तक मान्य रहती है?
गाइड इसकी आधिकारिक वैधता 6 महीने बताती हैं, लेकिन कई कार्यालय 3 महीने से पुरानी प्रति नहीं लेते। अदालती मामले, वरासत, नौकरी के दस्तावेज़ सत्यापन या नए राशन कार्ड के लिए नई प्रति लें।
क्या परिवार रजिस्टर और UP फैमिली आईडी एक ही हैं?
नहीं। परिवार रजिस्टर ग्राम पंचायत का पुराना घरेलू रजिस्टर है, जो अदालत, संपत्ति और जाति के मामलों में पारिवारिक रिश्तों के कानूनी प्रमाण के रूप में इस्तेमाल होता है। UP फैमिली आईडी (familyid.up.gov.in) 12 अंकों की डिजिटल आईडी है, जिसकी घोषणा 2022 में हुई और जो फ़रवरी 2023 से चालू है; यह योजनाओं और DBT के लिए है। राशन कार्ड वाले परिवारों के लिए राशन कार्ड नंबर ही फैमिली आईडी है।
क्या शहरों में रहने वालों को परिवार रजिस्टर की नकल मिल सकती है?
परिवार रजिस्टर ग्राम पंचायतें रखती हैं, इसलिए इसमें ग्रामीण परिवार आते हैं। नगर निगम या नगर पालिका क्षेत्रों के परिवार आम तौर पर पारिवारिक रिश्तों के दूसरे प्रमाण इस्तेमाल करते हैं, जैसे राशन कार्ड, फैमिली आईडी, जन्म और विवाह प्रमाण पत्र, या तहसीलदार से वारिस प्रमाण पत्र।
नया नाम कैसे जुड़वाएं, जैसे नवजात बच्चे या नई बहू का?
प्रमाण के साथ आवेदन करें: बच्चे के लिए जन्म प्रमाण पत्र, और परिवार में आई पत्नी के लिए विवाह प्रमाण पत्र (या विवाह का प्रमाण) और बहू के पिछले परिवार रजिस्टर की प्रविष्टि। उत्तर प्रदेश पंचायत राज (परिवार रजिस्टरों का रखरखाव) नियमावली, 1970 के नियम 6 के तहत नाम जोड़ने का आवेदन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पास जाता है, जो जांच के बाद फ़ैसला करते हैं; फिर ग्राम पंचायत सचिव प्रविष्टि करता है। आदेश के खिलाफ़ 30 दिन के भीतर SDM के यहां अपील हो सकती है (नियम 6-A)। मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र से नाम हटाया जाता है। प्रविष्टि अपडेट होने के बाद नई नकल में बदलाव दिखता है।
जाति प्रमाण पत्र के लिए परिवार रजिस्टर क्यों ज़रूरी है?
रजिस्टर की पुरानी प्रविष्टियों में परिवार की जाति दर्ज होती है, और 1950 या उससे पहले की प्रविष्टियां SC/ST और OBC जाति प्रमाण पत्र के लिए पैतृक प्रमाण में सबसे मज़बूत मानी जाती हैं। सत्यापन के दौरान लेखपाल इन्हें जांचता है।