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ई-डिस्ट्रिक्ट प्रमाण पत्र

UP जाति प्रमाण पत्र — SC/ST/OBC ऑनलाइन आवेदन, केंद्रीय बनाम राज्य सूची और आरक्षण के नियम

eSathi पर UP जाति प्रमाण पत्र: SC/ST/OBC आवेदन, केंद्रीय बनाम राज्य सूची, OBC NCL की वैधता, जाति की सही वर्तनी, दस्तावेज़ और शुल्क।

अपडेट:

जानें कौन-सा प्रमाण पत्र चाहिए ↓

1आवेदन

esathi.up.gov.in → लॉगिन → “जाति प्रमाण पत्र” → SC, ST या OBC → फॉर्म भरें → अपलोड → भुगतान → सबमिट।

2दस्तावेज़

आधार, स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र, पिता या दादा का जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और फोटो।

3शुल्क और समय

eSathi पर ₹10-15 (कुछ ज़िलों के ई-डिस्ट्रिक्ट पेज, जैसे कन्नौज, ₹20 बताते हैं, इसलिए सही शुल्क ज़िले के हिसाब से अलग हो सकता है), या CSC पर ₹30 + सुविधा शुल्क। आम तौर पर 7-15 कार्य दिवस (लेखपाल का मौके पर सत्यापन)।

4वैधता

SC/ST: आजीवन। OBC नॉन-क्रीमी लेयर: केंद्र के कामों के लिए एक वित्तीय वर्ष।

जाति प्रमाण पत्र क्या है — और वह अंतर जिससे सीटें छिन जाती हैं

जाति प्रमाण पत्र तहसीलदार या SDM द्वारा जारी एक आधिकारिक दस्तावेज़ है, जो पुष्टि करता है कि व्यक्ति उत्तर प्रदेश के लिए अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के रूप में सूचीबद्ध किसी जाति से है। इसके बिना आप शिक्षा, नौकरी या सरकारी योजनाओं में आरक्षण का दावा नहीं कर सकते, चाहे आपकी असल जाति कुछ भी हो।

वह अंतर जिसकी कीमत हर साल उम्मीदवार चुकाते हैं: दो अलग-अलग सूचियां हैं, और दोनों एक जैसी नहीं हैं।

  • केंद्रीय सूचियां: SC और ST के लिए संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश, 1950 और संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, 1950; OBC के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की केंद्रीय सूची, जो ncbc.nic.in पर है। ये केंद्र सरकार की नौकरियों (UPSC, SSC, रेलवे), केंद्रीय संस्थानों (IIT, NIT, AIIMS, केंद्रीय विश्वविद्यालय) और NEET व JEE की अखिल भारतीय कोटा सीटों में काम आती हैं।
  • राज्य सूची: UP सरकार की अधिसूचित OBC सूची, जो राज्य की नौकरियों (UPPSC, UPSSSC, UP पुलिस), राज्य विश्वविद्यालयों में दाखिले और राज्य कोटे की सीटों में काम आती है।

जो जाति UP की राज्य OBC सूची में है पर केंद्रीय OBC सूची में नहीं है, उसे UPSC, SSC, IIT या NEET के अखिल भारतीय कोटे में कोई आरक्षण नहीं मिलता। यह कोई दुर्लभ मामला नहीं है: UP के कई OBC समुदाय सिर्फ राज्य सूची में हैं। आरक्षण वाली किसी भी परीक्षा या दाखिले के लिए आवेदन करने से पहले दोनों सूचियों में अपनी जाति जाँचें।

SC, ST और OBC — तीन वर्ग, तीन अलग नियम

अनुसूचित जाति (SC)

उत्तर प्रदेश के लिए संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश, 1950 में सूचीबद्ध, जिसमें UP की 66 अनुसूचित जातियां हैं। परिवार की जाति के बारे में लेखपाल के मौके पर सत्यापन के बाद तहसीलदार या SDM प्रमाण पत्र जारी करते हैं। SC प्रमाण पत्र राज्य और केंद्र दोनों के कामों के लिए आजीवन मान्य है: न नवीनीकरण, न आय सीमा, न क्रीमी लेयर।

आरक्षण: केंद्र सरकार में 15%; UP राज्य सरकार में 21%। यह UPSC, SSC, रेलवे, UPPSC, UPSSSC (लेखपाल, कनिष्ठ सहायक), UP पुलिस, NEET (अखिल भारतीय और राज्य कोटा), JEE और शिक्षण संस्थानों पर लागू होता है।

अनुसूचित जनजाति (ST)

UP के लिए संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, 1950 में सूचीबद्ध। झारखंड, छत्तीसगढ़ या मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में UP की जनजातीय आबादी कम है। यहां 15 अनुसूचित जनजातियां हैं, जिनमें से ज़्यादातर 2003 के संशोधन से जोड़ी गईं, और कई सिर्फ कुछ खास जिलों में मान्य हैं: जैसे गोंड समूह पूर्वी UP के 13 जिलों में, खरवार पांच जिलों में और सहरिया ललितपुर में। जाँच लें कि आपकी जनजाति आपके जिले के लिए सूचीबद्ध है। SC की तरह यह प्रमाण पत्र भी आजीवन मान्य है, बिना आय सीमा के।

आरक्षण: केंद्र सरकार में 7.5%; UP राज्य सरकार में 2%।

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)

असली उलझन यहीं है। UP की राज्य सूची में लगभग 79 OBC समुदाय हैं। प्रमाण पत्र आपकी जाति की पुष्टि करता है, पर आरक्षण के लिए आपको नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) में भी होना चाहिए: परिवार की आय ₹8 लाख से कम हो, जिसमें DoPT के नियमों के तहत वेतन और कृषि आय नहीं गिनी जाती (आय प्रमाण पत्र वाले पेज पर समझाया गया है), और माता-पिता के पद क्रीमी लेयर की श्रेणियों में न हों।

UP के निवासियों का सामना दो तरह के OBC प्रमाण पत्रों से होता है:

प्रकार किसके लिए सूची वैधता
राज्य OBC प्रमाण पत्र UPPSC, UPSSSC (लेखपाल, PET), UP पुलिस, राज्य विश्वविद्यालय, UP स्कॉलरशिप UP की राज्य OBC सूची 3 साल तक; कई अधिसूचनाएं पिछले एक साल के भीतर जारी प्रमाण पत्र मांगती हैं, इसलिए जाँच लें
केंद्रीय OBC NCL प्रमाण पत्र UPSC, SSC, रेलवे, IIT/NIT/AIIMS, NEET और JEE का अखिल भारतीय कोटा, केंद्रीय विश्वविद्यालय केंद्रीय OBC सूची (ncbc.nic.in) एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल – 31 मार्च)

राज्य OBC प्रमाण पत्र राज्य के प्रारूप में जारी होता है। केंद्र के कामों के लिए आपको केंद्र सरकार के प्रारूप में OBC NCL प्रमाण पत्र चाहिए, जिसे वही तहसीलदार या SDM जारी करते हैं, पर उसकी भाषा में केंद्रीय सूची और नॉन-क्रीमी लेयर की स्थिति का हवाला होता है। आवेदन करते समय, अगर आपको यही चाहिए, तो पक्का करें कि आप केंद्र सरकार के कामों वाला प्रमाण पत्र चुनें।

आरक्षण: केंद्र सरकार में 27% (OBC NCL); UP राज्य सरकार में 27%।

वर्तनी का जाल — एक अक्षर आपका आरक्षण रद्द करवा सकता है

आपके प्रमाण पत्र पर जाति का नाम आधिकारिक सूची की बिल्कुल वही प्रविष्टि होना चाहिए: SC/ST के लिए राष्ट्रपति का आदेश, या OBC के लिए NCBC या UP सरकार की अधिसूचना।

आधिकारिक प्रविष्टियां कभी-कभी कई नामों का एक समूह होती हैं जिन्हें एक ही जाति माना जाता है। जैसे UP की SC सूची में चमार, धुसिया, झुसिया और जाटव एक साथ एक ही प्रविष्टि (“चमार, धुसिया, झुसिया, जाटव”) में दर्ज हैं, इसलिए इस प्रविष्टि से बाहर की कोई वर्तनी, या कोई ऐसा स्थानीय नाम जो सूची में है ही नहीं, उस पर सवाल उठता है। वहीं मिलते-जुलते सुनाई देने वाले दो नाम अलग-अलग समुदाय हो सकते हैं जिनकी अलग प्रविष्टियां हैं: “कुर्मी” और “कुशवाहा” अलग समुदाय हैं, और “लोध” व “लोधी” अधिसूचना के हिसाब से एक ही प्रविष्टि हो भी सकते हैं और नहीं भी। सिर्फ नाम से यह पता नहीं चलता, इसलिए अंदाज़ा न लगाएं।

आधिकारिक प्रविष्टि से मेल न खाने वाली वर्तनी की वजह से नौकरियों के दस्तावेज़ सत्यापन में, या NEET और JEE काउंसलिंग में, आपका दावा खारिज हो सकता है। DV अधिकारी अपनी ओर से व्याख्या नहीं करते और न ही यह मान लेते हैं कि दो वर्तनियां एक ही हैं।

ज़रूरी दस्तावेज़

मुख्य दस्तावेज़ (सभी के लिए):

  • आधार कार्ड (अनिवार्य, e-KYC के लिए)
  • स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र (अनिवार्य अपलोड: हस्ताक्षर के साथ, JPEG, 100KB से कम)
  • राशन कार्ड (परिवार की बनावट और पता)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो (JPEG, 50KB से कम)

जाति का सबूत (सबसे अहम दस्तावेज़):

  • पिता या दादा का जाति प्रमाण पत्र: सबसे मज़बूत सबूत। अगर परिवार में किसी के पास है, तो उसे अपलोड करें; लेखपाल इसी से परिवार की जाति की पुष्टि करता है।
  • अगर यह न हो: स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र (TC) या 10वीं की मार्कशीट जिसमें पिता की जाति लिखी हो, ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर की प्रविष्टियां (1950 या उससे पहले की प्रविष्टियां पुरखों का सबसे मज़बूत सबूत हैं), या परिवार की जाति दिखाने वाला कोई भी पुराना सरकारी रिकॉर्ड।
  • स्थानीय प्रमाणन: ग्राम प्रधान (ग्रामीण) या वार्ड पार्षद (शहरी) का प्रमाण पत्र, जो आपकी जाति और निवास की पुष्टि करे।

OBC NCL के लिए (अतिरिक्त):

  • परिवार का आय प्रमाण पत्र। नॉन-क्रीमी लेयर की स्थिति इसी से आंकी जाती है (वेतन और कृषि आय छोड़कर), और इसके बिना NCL की स्थिति प्रमाणित नहीं हो सकती।

eSathi पर आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप

  1. eSathi पर लॉगिन करें

    esathi.up.gov.in पर लॉगिन करें।

  2. जाति प्रमाण पत्र चुनें

    “आवेदन भरें” पर क्लिक करें, “राजस्व विभाग” चुनें और फिर “जाति प्रमाण पत्र”। पोर्टल पर फॉर्म के हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों संस्करण उपलब्ध हैं।

  3. अपना वर्ग चुनें

    SC, ST या OBC। OBC में, अगर आपको UPSC, SSC, रेलवे, केंद्रीय संस्थानों या अखिल भारतीय कोटे के लिए चाहिए, तो केंद्र सरकार के कामों वाला प्रमाण पत्र चुनें।

  4. जाति ठीक वैसे ही भरें जैसे सूची में है

    जाति का नाम ठीक वैसे ही टाइप करें जैसे आधिकारिक सूची में है। उसे छोटा न करें, कोई प्रत्यय न जोड़ें और दूसरी वर्तनी न लिखें। अगर पक्का न हो, तो फॉर्म भरने से पहले ncbc.nic.in (केंद्रीय OBC) देखें या तहसील में पूछें।

  5. अपना निजी ब्योरा भरें

    नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि और पता (जिला, तहसील, गांव या वार्ड)। ग्रामीण या शहरी, और गांव या वार्ड, ध्यान से चुनें: इन्हीं से तय होता है कि सत्यापन किस क्षेत्र (हल्के) का लेखपाल करेगा। लेखपाल गांवों के साथ-साथ शहरों में भी सत्यापन करता है।

  6. दस्तावेज़ अपलोड करें

    हर फ़ाइल JPEG या PDF में, 100KB से कम। स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र JPEG में होना चाहिए और उस पर हस्ताक्षर दिखने चाहिए। पिता के जाति प्रमाण पत्र का साफ़ स्कैन सबसे ज़्यादा मायने रखता है; इससे सत्यापन में देरी नहीं होती।

  7. शुल्क भरें

    PAYGOV से ₹10-15। कुछ ज़िलों के ई-डिस्ट्रिक्ट पेज (जैसे कन्नौज) ₹20 बताते हैं, इसलिए सही शुल्क ज़िले के हिसाब से अलग हो सकता है।

  8. सबमिट करें और SRN संभालकर रखें

    सबमिट करें और अपना सर्विस रिक्वेस्ट नंबर (SRN) नोट कर लें। इसे होमपेज के “आवेदन स्टेटस कैसे चेक करें” सेक्शन में बताए तरीके से ट्रैक करें।

जाति प्रमाण पत्र के लिए लेखपाल क्या सत्यापित करता है

जाति के लिए लेखपाल का मौके पर सत्यापन आय के सत्यापन से अलग होता है। इसमें यह दिखाना होता है कि परिवार सच में बताई गई जाति का है, पुरखों के सबूतों और समुदाय में पहचान के ज़रिए।

1परिवार की जाति का इतिहास

क्या गांव में परिवार उसी जाति के रूप में जाना जाता रहा है। ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में पुरखों की प्रविष्टियां, खासकर 1950 के दशक या उससे पहले की, मज़बूत सबूत हैं, और पिता या दादा के मौजूदा प्रमाण पत्र से मिलान किया जाता है।

2समुदाय में पहचान

लेखपाल पड़ोसियों और समुदाय के लोगों से बात करके परिवार की जाति की पुष्टि करता है। जहां लेखपाल सालों से तैनात है, वहां यह अक्सर नई पूछताछ नहीं, बल्कि पहले से मौजूद जानकारी होती है।

3पुराने भूमि रिकॉर्ड

पुराने भूलेख रिकॉर्ड (कंप्यूटर से पहले के बही-खाते) में कभी-कभी ज़मीन मालिक के नाम के साथ जाति दर्ज होती है, जिसे लेखपाल ऐतिहासिक सबूत के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।

4ग्राम प्रधान का बयान

परिवार की जाति की पुष्टि करने वाले ग्राम प्रधान के बयान का वज़न होता है, खासकर तब जब पुराने दस्तावेज़ कम हों।

लेखपाल की रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पास जाती है, और फिर मंज़ूरी व डिजिटल हस्ताक्षर के लिए तहसीलदार या SDM के पास।

वैधता के नियम — SC/ST बनाम OBC NCL

वर्ग वैधता नवीनीकरण? टिप्पणी
SC आजीवन नहीं राज्य और केंद्र दोनों के कामों के लिए मान्य
ST आजीवन नहीं SC जैसा ही; जाँचें कि आपकी जनजाति आपके जिले के लिए सूचीबद्ध है
OBC (राज्य प्रारूप) 3 साल तक अधिसूचना देखें राज्य की कई भर्तियां पिछले एक साल के भीतर जारी प्रमाण पत्र मांगती हैं; विज्ञापन जाँचें
OBC NCL (केंद्रीय प्रारूप) एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल – 31 मार्च) हां, हर साल UPSC, SSC, रेलवे, IIT, NIT, NEET और JEE का अखिल भारतीय कोटा

EWS और OBC साथ नहीं चलते। EWS आरक्षण सिर्फ सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के उन उम्मीदवारों के लिए है जो SC, ST या OBC नहीं हैं। अगर आप OBC हैं, तो EWS का दावा नहीं कर सकते, और दोनों के लिए आवेदन करने पर मामला पकड़ में आ जाता है।

जाति प्रमाण पत्र कहां चाहिए — आरक्षण का नक्शा

शिक्षा:

  • NEET: अखिल भारतीय कोटा केंद्रीय प्रतिशत (15% SC, 7.5% ST, 27% OBC NCL) और केंद्रीय सूचियों के हिसाब से चलता है। UP का राज्य कोटा UP के प्रतिशत (21% SC, 2% ST, 27% OBC) और राज्य सूची के हिसाब से चलता है।
  • JEE Main/Advanced: IIT, NIT और IIIT की सीटें केंद्रीय प्रतिशत के हिसाब से; OBC सीटों के लिए केंद्रीय OBC NCL प्रमाण पत्र चाहिए।
  • CUET: केंद्रीय विश्वविद्यालयों के दाखिले केंद्रीय आरक्षण के हिसाब से।
  • UP स्कॉलरशिप: सक्षम पोर्टल पर SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक स्कॉलरशिप के लिए जाति प्रमाण पत्र चाहिए, और इसका मिलान ई-डिस्ट्रिक्ट के डेटाबेस से होता है।
  • राज्य विश्वविद्यालय: राज्य का जाति प्रमाण पत्र काफी है।

नौकरियां:

  • UPSC (CSE, IFS, CDS), SSC (CGL, CHSL, GD), रेलवे: OBC के लिए केंद्रीय OBC NCL प्रमाण पत्र; राज्य का OBC प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं होता।
  • UPPSC (PCS, RO/ARO): राज्य का OBC प्रमाण पत्र काफी है।
  • UPSSSC (लेखपाल, कनिष्ठ सहायक, VDO): राज्य प्रारूप; चयन PET, मुख्य परीक्षा और DV से।
  • UP पुलिस (SI, कांस्टेबल): राज्य प्रारूप।

सरकारी योजनाएं: आवास (PMAY), खाद्य सुरक्षा (NFSA), स्वास्थ्य (आयुष्मान) और पेंशन (SSPY) में, जहां जाति मायने रखती है, आम तौर पर राज्य का जाति प्रमाण पत्र स्वीकार होता है।

मुझे कौन-सा जाति प्रमाण पत्र चाहिए?

दो-तीन सवालों के जवाब दें और जानें कि किस प्रारूप के लिए आवेदन करना है, नया बनवाना है या नहीं, और आवेदन कहां करें।

आपका वर्ग
आपको यह किसके लिए चाहिए?
क्या आपके पास चालू वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल – 31 मार्च) में जारी OBC प्रमाण पत्र पहले से है?

यह इस पेज पर बताए नियमों पर आधारित एक गाइड है, कोई आधिकारिक फैसला नहीं। क्या स्वीकार होगा, यह भर्ती विज्ञप्ति, काउंसलिंग ब्रोशर या योजना के नियम तय करते हैं, इसलिए उन्हें ज़रूर देखें।

खारिज होने की आम वजहें — 7 समस्याएं और समाधान

1जाति का नाम आधिकारिक प्रविष्टि से मेल नहीं खाता

अगर प्रमाण पत्र पर “Pasee” लिखा है लेकिन आधिकारिक प्रविष्टि “Pasi, Tarmali” (पासी, तरमाली) है, तो एक अक्षर की यह वर्तनी की गलती भी खारिज हो जाती है। आवेदन से पहले राष्ट्रपति के आदेश (SC/ST) या NCBC या राज्य सूची (OBC) में ठीक-ठीक प्रविष्टि जाँचें।

2केंद्र के काम के लिए राज्य का OBC प्रमाण पत्र

UPSC, SSC और NEET के अखिल भारतीय कोटे में केंद्रीय OBC NCL प्रारूप चाहिए। केंद्रीय सूची के हवाले और NCL घोषणा के बिना, राज्य का वैध OBC प्रमाण पत्र भी केंद्रीय DV में किसी काम का नहीं।

3गलत वित्तीय वर्ष का OBC NCL

केंद्र के कामों के लिए NCL विज्ञप्ति में बताए गए वित्तीय वर्ष (या वर्षों) के आधार पर तय होता है, और कई विज्ञप्तियां अपनी बताई कट-ऑफ तारीख को या उसके बाद जारी प्रमाण पत्र मांगती हैं, इसलिए पुराना प्रमाण पत्र अक्सर खारिज हो जाता है। विज्ञप्ति देखें और चालू वर्ष का बनवाएं।

4पुरखों की जाति का कोई सबूत अपलोड नहीं

पिता का प्रमाण पत्र, स्कूल रिकॉर्ड या परिवार रजिस्टर की प्रविष्टि न हो, तो लेखपाल के पास आधार बनाने को कोई दस्तावेज़ नहीं होता। तब आवेदन पूरी तरह मौके के आकलन पर टिकता है, जिसमें ज़्यादा समय लगता है और जो काफी न भी हो।

5घोषणा पत्र बिना हस्ताक्षर या PDF में

स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर होने चाहिए और उसे 100KB से कम के JPEG में अपलोड करना होता है। हर तरह के प्रमाण पत्र में खारिज होने की यही सबसे आम वजह है।

6केंद्रीय प्रारूप मांगा, पर जाति सिर्फ राज्य सूची में

अगर आपकी जाति ncbc.nic.in की केंद्रीय सूची में नहीं है, तो तहसीलदार केंद्रीय OBC NCL प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकते। पहले केंद्रीय सूची जाँचें; अगर आपकी जाति सिर्फ राज्य सूची में है, तो आपको सिर्फ राज्य के OBC लाभ मिलेंगे।

7आय NCL सीमा से ज़्यादा

अगर वेतन और कृषि आय छोड़ने के बाद भी परिवार की आय ₹8 लाख से ज़्यादा है, तो NCL नहीं मिलता। आप OBC ही रहते हैं पर क्रीमी लेयर में आ जाते हैं, और शिक्षा या नौकरी में आरक्षण नहीं मिलता।

त्वरित संदर्भ

विवरण जानकारी
प्रमाण पत्र का नाम जाति प्रमाण पत्र (Jati Praman Patra / Caste Certificate)
विभाग राजस्व विभाग, UP
जारी करने वाले तहसीलदार / SDM
आवेदन कहां esathi.up.gov.in
शुल्क (eSathi) ₹10-15 (कुछ ज़िलों की सूची, जैसे कन्नौज, में ₹20)
शुल्क (CSC) ₹30 + सुविधा शुल्क
प्रोसेसिंग 7-15 कार्य दिवस
मौके पर सत्यापन आपके क्षेत्र (हल्के) का लेखपाल, गांव और शहर दोनों में
SC/ST वैधता आजीवन
OBC NCL वैधता (केंद्रीय) एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल – 31 मार्च)
OBC वैधता (राज्य) 3 साल तक; हर अधिसूचना जाँचें
UP में अनुसूचित जातियां 66
UP में अनुसूचित जनजातियां 15 (कई सिर्फ खास जिलों में)
UP में OBC समुदाय (राज्य सूची) लगभग 79
केंद्रीय OBC सूची ncbc.nic.in
SC/ST सूचियां संविधान (अनुसूचित जातियां) और (अनुसूचित जनजातियां) आदेश, 1950
NCL आय सीमा ₹8 लाख (वेतन और कृषि आय नहीं गिनी जाती)
केंद्रीय आरक्षण SC 15%, ST 7.5%, OBC 27%
UP राज्य आरक्षण SC 21%, ST 2%, OBC 27%
झूठी घोषणा BNS 2023 की धारा 236/237 (पहले IPC 199/200): 3 साल तक, न्यायिक कार्यवाही में 7 साल तक
हेल्पलाइन 0522-2304706

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP में जाति प्रमाण पत्र क्या है?

तहसीलदार या SDM द्वारा जारी एक आधिकारिक दस्तावेज़ (जाति प्रमाण पत्र), जो पुष्टि करता है कि आप उत्तर प्रदेश के लिए सूचीबद्ध किसी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। आवेदन eSathi (esathi.up.gov.in) पर होता है, लेखपाल सत्यापन करता है और तहसीलदार डिजिटल हस्ताक्षर करते हैं।

क्या UP का जाति प्रमाण पत्र UPSC और SSC के लिए मान्य है?

SC और ST प्रमाण पत्र केंद्र के कामों के लिए तब मान्य हैं जब जाति संविधान के UP वाले SC/ST आदेशों में दर्ज हो। OBC के लिए केंद्र की नौकरियों, केंद्रीय संस्थानों और NEET/JEE के अखिल भारतीय कोटे में केंद्र सरकार के प्रारूप वाला OBC नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र चाहिए, और आपकी जाति केंद्रीय OBC सूची में होनी चाहिए। वहां राज्य प्रारूप वाला OBC प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं होता।

जाति प्रमाण पत्र कितने समय तक मान्य रहता है?

SC और ST: आजीवन, नवीनीकरण की ज़रूरत नहीं। OBC: आपकी जाति की स्थिति खत्म नहीं होती, पर नॉन-क्रीमी लेयर वाला हिस्सा एक वित्तीय वर्ष के लिए आंका जाता है। केंद्र के कामों के लिए संबंधित वित्तीय वर्ष का NCL प्रमाण पत्र चाहिए; राज्य के कामों के लिए 3 साल तक, पर अधिसूचना जो मांगे वही मानें (कई अधिसूचनाएं पिछले एक साल के भीतर जारी प्रमाण पत्र मांगती हैं)।

राज्य और केंद्रीय OBC सूची में क्या अंतर है?

राज्य OBC सूची UP सरकार अधिसूचित करती है, और यह UPPSC, UPSSSC, UP पुलिस और राज्य विश्वविद्यालयों में काम आती है। UP की केंद्रीय OBC सूची NCBC (ncbc.nic.in) रखता है, और यह UPSC, SSC, रेलवे, IIT, NIT, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और NEET/JEE के अखिल भारतीय कोटे में काम आती है। आप जिस चीज़ के लिए आवेदन कर रहे हैं, उस पर लागू सूची में आपकी जाति होनी चाहिए।

मेरी जाति UP की OBC सूची में है पर केंद्रीय सूची में नहीं। क्या मुझे केंद्र में आरक्षण मिलेगा?

नहीं। केंद्र में OBC आरक्षण के लिए आपकी जाति ncbc.nic.in पर उत्तर प्रदेश की केंद्रीय सूची में होनी चाहिए। अगर जाति केंद्रीय सूची में नहीं है, तो राज्य का OBC प्रमाण पत्र UPSC, SSC या NEET के अखिल भारतीय कोटे में कोई आरक्षण नहीं दिलाता।

मेरे पिता के पास SC प्रमाण पत्र है। क्या मुझे अपना अलग चाहिए?

हां। जाति प्रमाण पत्र व्यक्तिगत होता है, इसलिए हर व्यक्ति को अपना प्रमाण पत्र चाहिए। आवेदन करते समय आपके पिता का प्रमाण पत्र सबसे मज़बूत सबूत है; उसे eSathi आवेदन के साथ अपलोड करें, तो सत्यापन आम तौर पर काफी जल्दी हो जाता है।

अगर परिवार में किसी के पास जाति प्रमाण पत्र न हो तो?

दूसरे सबूत अपलोड करें: 10वीं की मार्कशीट या स्कूल का रिकॉर्ड जिसमें पिता की जाति लिखी हो, ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर की प्रविष्टियां (1950 या उससे पहले की प्रविष्टियां पुरखों का सबसे मज़बूत सबूत हैं), या ग्राम प्रधान या वार्ड पार्षद का प्रमाणन। इसके बाद लेखपाल समुदाय की जानकारी और पुराने रिकॉर्ड से सत्यापन करता है।

जाति प्रमाण पत्र के लिए लेखपाल क्या जाँचता है?

पुरखों के दस्तावेज़ों और परिवार रजिस्टर की प्रविष्टियों से आपके परिवार की जाति का इतिहास, समुदाय में पहचान, पुराने भूमि रिकॉर्ड जिनमें मालिक के नाम के साथ जाति दर्ज हो, और ग्राम प्रधान का बयान। जाति का सत्यापन वंश के बारे में है, मौजूदा आय के बारे में नहीं।

मेरा OBC NCL प्रमाण पत्र खत्म (expire) हो गया है। क्या करूं?

चालू वित्तीय वर्ष के लिए नए NCL प्रमाण पत्र का eSathi पर आवेदन करें, साथ में मौजूदा आय प्रमाण पत्र दें। आम तौर पर 7-15 कार्य दिवस लगते हैं। अगर आपकी DV की तारीख पास है, तो तुरंत आवेदन करें और तहसील में जल्दी की वजह बताएं। नॉन-क्रीमी लेयर की स्थिति उस वित्तीय वर्ष (या वर्षों) की आय और स्थिति पर तय होती है जो भर्ती विज्ञप्ति में बताया गया हो (DoPT के 31.03.2016 के OM के अनुसार NCL वित्तीय वर्ष से जुड़ा है), और कई विज्ञप्तियां अपनी बताई कट-ऑफ तारीख को या उसके बाद जारी प्रमाण पत्र मांगती हैं, इसलिए पुराना प्रमाण पत्र अक्सर खारिज हो जाता है। विज्ञप्ति ज़रूर देखें।

क्या मेरे पास OBC और EWS दोनों प्रमाण पत्र हो सकते हैं?

नहीं। EWS सिर्फ सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के उन उम्मीदवारों के लिए है जो SC, ST या OBC नहीं हैं। अगर आप OBC हैं, तो आप OBC आरक्षण का दावा करते हैं, EWS का नहीं।