SSPY पेंशन सहायक: पात्रता, राशि और स्टेटस
चुनें कि आपको क्या करना है और कौन सी पेंशन। हम चरण बताते हैं और सही आधिकारिक पेज खोलते हैं। हम आपका आधार या पंजीकरण नंबर कभी नहीं मांगते: इन्हें सिर्फ sspy-up.gov.in या PFMS पर डालें।
यह इस पेज के नियमों पर आधारित मार्गदर्शन है, फैसला नहीं। हर आवेदन का फैसला आपकी पेंशन के जिला अधिकारी करते हैं।
sspy-up.gov.in → अपनी पेंशन का पंजीकरण फॉर्म → भरें, अपलोड करें, सबमिट करें → पंजीकरण संख्या लिख लें। पहले फैमिली ID चाहिए।
2स्टेटस देखें
sspy-up.gov.in → अपनी पेंशन का भाग → आवेदन की स्थिति → पंजीकरण संख्या।
3राशि
₹1,000 महीना (वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग), हर तिमाही ₹3,000 के रूप में। कुष्ठावस्था: ₹3,000 महीना।
4आय सीमा
वृद्धावस्था, दिव्यांग: ₹46,080 ग्रामीण / ₹56,460 शहरी सालाना। विधवा, कुष्ठावस्था: ₹2 लाख सालाना।
5भुगतान की जाँच
pfms.nic.in → Know Your Payments। हेल्पलाइन: 1800-419-0001 (समाज कल्याण, ऑफिस टाइम) या CM हेल्पलाइन 1076।
SSPY UP क्या है?
SSPY का पूरा नाम सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना है। sspy-up.gov.in उत्तर प्रदेश का सामाजिक सुरक्षा पेंशन का एकमात्र ऑनलाइन पोर्टल है। इसके ज़रिए राज्य बुज़ुर्गों, निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगजनों और कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को हर महीने पेंशन देता है। चारों पेंशन एक ही पोर्टल पर हैं, लेकिन हर पेंशन का अपना विभाग है:
| पेंशन | विभाग | जिला कार्यालय |
|---|---|---|
| वृद्धावस्था | समाज कल्याण | जिला समाज कल्याण अधिकारी |
| निराश्रित महिला (विधवा) | महिला कल्याण | जिला प्रोबेशन अधिकारी |
| दिव्यांग | दिव्यांगजन सशक्तिकरण | जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी |
| कुष्ठावस्था | दिव्यांगजन सशक्तिकरण | जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी |
पैसा DBT से सीधे पेंशनर के आधार से जुड़े बैंक खाते में जाता है: न कोई बिचौलिया, न पैसा लेने के लिए दफ्तर के चक्कर।
पोर्टल खुद को एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल कहता है। इसके ऊपरी मेन्यू में हर विभाग का अलग भाग है: राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन, साथ में संपर्क करें और सहायता। वृद्धावस्था पेंशन 1994 से समाज कल्याण विभाग के ज़रिए चल रही है।

चार पेंशन योजनाएं
| पेंशन | किसके लिए | मासिक राशि |
|---|---|---|
| वृद्धावस्था पेंशन | 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के यूपी निवासी | ₹1,000 |
| निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन | पति की मृत्यु के बाद 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र की महिलाएं | ₹1,000 |
| दिव्यांग पेंशन (दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान) | 40% या उससे ज़्यादा प्रत्यक्ष दिव्यांगता, मानसिक मंदता या श्रवण बाधिता वाले 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र के यूपी निवासी | ₹1,000 |
| कुष्ठावस्था पेंशन | कुष्ठ रोग से दिव्यांग हुए किसी भी उम्र के लोग | ₹3,000 |
इनमें से सिर्फ एक पेंशन मिल सकती है, और अगर आपको केंद्र या राज्य सरकार से पहले से पेंशन मिल रही है, तो कोई नहीं।
पात्रता और आय सीमा — हर पेंशन के लिए अलग
आय सीमा हर पेंशन के लिए एक जैसी नहीं है। वृद्धावस्था और दिव्यांग की सीमा कम है; विधवा और कुष्ठावस्था पेंशन की सीमा कहीं ज़्यादा है। गलत आंकड़ा मानना रिजेक्शन की आम वजह है।
| पेंशन | उम्र | परिवार की सालाना आय | दूसरी शर्तें |
|---|---|---|---|
| वृद्धावस्था | 60 या ज़्यादा | ₹46,080 (ग्रामीण) · ₹56,460 (शहरी) तक | कोई दूसरी सरकारी पेंशन नहीं |
| विधवा | 18 या ज़्यादा | ₹2,00,000 तक | पति की मृत्यु हो चुकी; दोबारा शादी नहीं की |
| दिव्यांग | 18 या ज़्यादा | ₹46,080 (ग्रामीण) · ₹56,460 (शहरी) तक | 40% या ज़्यादा दिव्यांगता, CMO से प्रमाणित |
| कुष्ठावस्था | कोई भी उम्र | ₹2,00,000 तक | कुष्ठ से हुई दिव्यांगता, किसी भी प्रतिशत की, CMO से प्रमाणित |
हर पेंशन के लिए: आप उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हों, आधार से जुड़ा बैंक खाता हो (DBT के लिए ज़रूरी), और केंद्र या राज्य सरकार की कोई दूसरी पेंशन न मिलती हो।
आप जो आय बताते हैं, वह आपके ई-डिस्ट्रिक्ट आय प्रमाण पत्र से मेल खानी चाहिए। वृद्धावस्था और दिव्यांग की ₹46,080 / ₹56,460 की सीमा कम है: ये पेंशन वाकई गरीब परिवारों के लिए हैं। विधवा पेंशन की ₹2 लाख की सीमा इस बात को मानती है कि पति की मृत्यु से ज़्यादा आय वाले परिवार भी बेसहारा हो सकते हैं।
कितना पैसा और कब मिलता है — तिमाही चक्र
वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन ₹1,000 महीना देती हैं। वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन दिसंबर 2021 में ₹500 से बढ़कर ₹1,000 हुई। कुष्ठावस्था पेंशन ₹3,000 महीना देती है।
जिस बात से लगभग सब भ्रम में पड़ते हैं: पेंशन हर महीने नहीं आती। यह तिमाही में एक बार, तीन महीने की एक किस्त में आती है: वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशनर को ₹3,000। तिमाहियां वित्त वर्ष के हिसाब से हैं: अप्रैल–जून, जुलाई–सितंबर, अक्टूबर–दिसंबर और जनवरी–मार्च। भुगतान की कोई तय तारीख प्रकाशित नहीं है; किसी तिमाही की किस्त आम तौर पर उसी तिमाही में या उसके ठीक बाद आती है।
पोर्टल का अपना भुगतान सारांश इसकी पुष्टि करता है: 2025-26 की पहली तिमाही में 67.5 लाख वृद्धावस्था पेंशनरों को ₹2,024.37 करोड़, 26.1 लाख विधवाओं को ₹783.83 करोड़ और 11 लाख दिव्यांग पेंशनरों को ₹331.40 करोड़ गए। हर मामले में यह प्रति पेंशनर प्रति तिमाही ₹3,000 है।
| तिमाही (2026-27) | महीने | किस्त (₹1,000 वाली पेंशन) | कुष्ठावस्था |
|---|---|---|---|
| पहली | अप्रैल – जून 2026 | ₹3,000 | ₹9,000 |
| दूसरी | जुलाई – सितंबर 2026 | ₹3,000 | ₹9,000 |
| तीसरी (मौजूदा) | अक्टूबर – दिसंबर 2026 | ₹3,000 | ₹9,000 |
| चौथी | जनवरी – मार्च 2027 | ₹3,000 | ₹9,000 |
कुछ वेबसाइटें भुगतान के तय महीने (मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर) बताती हैं। यह भरोसेमंद नहीं है: 2025 में अप्रैल–जून की विधवा पेंशन 2 जुलाई को और जुलाई–सितंबर की अगस्त में भेजी गई।
इसलिए तिमाही के बीच में खाता देखने पर कुछ न दिखे, तो पेंशन शायद रुकी नहीं है: अगली किस्त का समय ही नहीं आया। जो भेजा गया है, वह pfms.nic.in → Know Your Payments पर अपने बैंक और खाता नंबर से देखें।
ज़रूरी दस्तावेज़
हर पेंशन के लिए
- आधार कार्ड
- ई-डिस्ट्रिक्ट से तहसीलदार का जारी आय प्रमाण पत्र
- आपके नाम के खाते की बैंक पासबुक, DBT के लिए आधार-सीडेड
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- मोबाइल नंबर
- यूपी फैमिली ID: राशन कार्ड वाले परिवारों के लिए राशन कार्ड नंबर

पेंशन के हिसाब से अतिरिक्त दस्तावेज़
| पेंशन | अतिरिक्त दस्तावेज़ |
|---|---|
| वृद्धावस्था | आधार के अलावा उम्र का प्रमाण। ग्रामीण: परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाण पत्र। शहरी: शैक्षिक प्रमाण पत्र, वोटर ID, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट |
| विधवा | पति का मृत्यु प्रमाण पत्र |
| दिव्यांग | CMO का 40% या ज़्यादा का दिव्यांगता प्रमाण पत्र, या UDID कार्ड |
| कुष्ठावस्था | कुष्ठ से हुई दिव्यांगता का CMO प्रमाण पत्र |
ग्रामीण आवेदकों से आवेदन के समर्थन में ग्राम सभा का प्रस्ताव भी मांगा जा सकता है; ब्लॉक कार्यालय या ग्राम पंचायत सचिव से पूछें कि आपके जनपद में यह ज़रूरी है या नहीं।
आवेदन कैसे करें — चरण दर चरण
हर पेंशन के लिए पोर्टल का पंजीकरण फॉर्म (नए टैब में खुलता है):
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, समाज कल्याण विभाग।
निराश्रित महिला पेंशन, महिला कल्याण विभाग।
दिव्यांग पेंशन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग।
-
फैमिली ID तैयार रखें
आवेदन के लिए फैमिली ID चाहिए। राशन कार्ड वाले परिवार राशन कार्ड नंबर इस्तेमाल करते हैं; बाकी पहले familyid.up.gov.in पर या जन सेवा केंद्र पर पंजीकरण कराएं।
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अपनी पेंशन का फॉर्म खोलें
ऊपर के लिंक इस्तेमाल करें, या sspy-up.gov.in खोलकर मेन्यू से अपनी पेंशन चुनें: राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, या दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन।
-
फॉर्म भरें
निजी ब्योरा (नाम, उम्र, लिंग), पता (जनपद, तहसील या ब्लॉक, गांव या वार्ड), आधार नंबर, बैंक खाता नंबर और IFSC, और परिवार की आय। आय आपके आय प्रमाण पत्र से मेल खानी चाहिए।
-
दस्तावेज़ अपलोड करके सबमिट करें
हर दस्तावेज़ पोर्टल के बताए फॉर्मेट और साइज़ में अपलोड करें। कुछ पेंशन (दिव्यांग और कुष्ठावस्था) के आखिर में OTP से लॉक और आधार ई-केवाईसी होता है। सबमिट करें और पंजीकरण संख्या लिख लें: हर बार स्टेटस देखने में यही लगेगी।
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कहा जाए तो प्रिंट जमा करें
कुछ जिला कार्यालय दस्तावेज़ों के साथ आवेदन का प्रिंट मांगते हैं। अपने जिला कार्यालय या फॉर्म भरने वाले जन सेवा केंद्र से पूछें।
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सत्यापन और मंज़ूरी
ग्रामीण आवेदनों का सत्यापन ब्लॉक (BDO) से और शहरी आवेदनों का तहसील (SDM) से होता है। फिर पेंशन के जिला अधिकारी मंज़ूरी देते हैं। मंज़ूरी के बाद पेंशन हर तिमाही DBT से आती है।
अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, तो जन सेवा केंद्र (CSC), ब्लॉक कार्यालय या ग्राम पंचायत सचिव आपका फॉर्म भर सकते हैं।
जल्दी 60 के होने वाले हैं? नवंबर 2025 में राज्य ने मंज़ूरी दी कि फैमिली ID के डेटाबेस से 60 साल के होने वाले लोगों को खोजा जाए और SMS, WhatsApp या फोन से उनकी सहमति लेकर 15 दिन में मंज़ूरी दी जाए। आप फिर भी खुद आवेदन कर सकते हैं; संपर्क का इंतज़ार न करें।
स्टेटस और भुगतान कैसे देखें
- आवेदन का स्टेटस: sspy-up.gov.in पर अपनी पेंशन का भाग खोलें, आवेदन की स्थिति का विकल्प चुनें और पंजीकरण संख्या डालें। यह बताता है कि आवेदन जमा है, सत्यापन में है, मंज़ूर हुआ या अस्वीकार।
- भुगतान: मंज़ूरी के बाद pfms.nic.in → Know Your Payments पर अपने बैंक और खाता नंबर से देखें कि किस्त भेजी गई या नहीं। ट्रांसफर फेल हो तो इसकी वजह भी दिखती है।
यूपी पेंशन लिस्ट 2026 — वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन लिस्ट
हर पेंशन के मंज़ूर पेंशनरों की अपनी सूची (पेंशनर सूची) sspy-up.gov.in पर है, गांव-दर-गांव और वार्ड-दर-वार्ड। अपना या माता-पिता का नाम सूची में है या नहीं, यह देखने का यही सबसे तेज़ तरीका है।
| सूची | आम नाम | sspy-up.gov.in पर कहां |
|---|---|---|
| वृद्धावस्था पेंशनर | वृद्धा पेंशन लिस्ट | राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन का भाग |
| विधवा पेंशनर | विधवा पेंशन लिस्ट | निराश्रित महिला पेंशन का भाग |
| दिव्यांग और कुष्ठावस्था पेंशनर | विकलांग पेंशन लिस्ट | दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन का भाग |
-
अपनी पेंशन का भाग खोलें
sspy-up.gov.in पर ऊपर के मेन्यू से पेंशन चुनें, या इस पेज के ऊपर दिए पेंशन सहायक में “पेंशनर सूची” विकल्प इस्तेमाल करें।
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पेंशनर सूची चुनें
उस भाग में पेंशनरों की सूची खोलें।
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अपने गांव या वार्ड तक पहुंचें
अपना जनपद, फिर ब्लॉक (गांव) या नगर निकाय (शहर), फिर ग्राम पंचायत या वार्ड चुनें। उस क्षेत्र के पेंशनरों के नाम दिखते हैं।
अगर मंज़ूरी के बाद भी आपका नाम सूची में नहीं है, या किसी मृत पेंशनर का नाम अब भी सूची में है, तो उस पेंशन के जिला अधिकारी को बताएं।
पेंशन नहीं आई — वजहें और समाधान
“पेंशन नहीं आई” पेंशन की सबसे आम समस्या है। इन्हें इसी क्रम में जाँचें:
1अभी भुगतान का महीना नहीं आया
पेंशन हर महीने नहीं, तिमाही में एक बार आती है। तिमाही के बीच में देखने पर अगले ₹3,000 का समय आम तौर पर नहीं आया होता। PFMS पर देखें कि पिछली बार क्या भेजा गया।
2बैंक खाता DBT के लिए तैयार नहीं
DBT के लिए खाता आधार से सीडेड और NPCI मैपर पर सक्रिय होना चाहिए। दिव्यांग पेंशनरों के भुगतान ठीक इसी वजह से रुके हैं। शाखा में आधार सीडिंग कराएं; भुगतान बाद में फिर भेजा जाता है।
3खाता बंद, निष्क्रिय या गलत
बंद या निष्क्रिय खाता, या खाते का गलत ब्योरा होने पर ट्रांसफर फेल होता है। खाता चालू कराएं या जिला कार्यालय को सही ब्योरा दें।
4आपके रिकॉर्ड मेल नहीं खाते
राज्य पेंशनरों को आधार और फैमिली ID के रिकॉर्ड से जाँचता है। उम्र या आय मेल न खाए, तो पेंशन रोकी जा सकती है: फर्रुखाबाद में 2025 में इसी वजह से 1,620 पेंशन रोकी गईं। उम्र और आय का प्रमाण लेकर जिला कार्यालय जाएं।
5दूसरी सरकारी पेंशन
केंद्र या राज्य की किसी दूसरी पेंशन के साथ SSPY पेंशन नहीं मिल सकती। दूसरी पेंशन मिलने पर SSPY पेंशन रोक दी जाती है।
फिर भी अटके हैं? पंजीकरण संख्या और पासबुक लेकर अपनी पेंशन के जिला अधिकारी के पास जाएं (वृद्धावस्था के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी, विधवा के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी, दिव्यांग और कुष्ठावस्था के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी)। आप समाज कल्याण विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-419-0001 पर भी फोन कर सकते हैं (पोर्टल के अनुसार सिर्फ ऑफिस टाइम में), या jansunwai.up.nic.in या CM हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत करें।
पेंशनरों की जाँच कैसे होती है — और असली पेंशन क्यों रुकती है
पुराने आवेदक: अपना आधार ऑनलाइन सत्यापित करें। sspy-up.gov.in का होम पेज पुराने आवेदकों से कहता है कि वे होम पेज की लाल पट्टी के ज़रिए पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करें और खुद अपना आधार ऑनलाइन सत्यापित करें। अगर आप सालों से पेंशन ले रहे हैं और यह कभी नहीं किया, तो अभी करें: राज्य इसी से पेंशनरों का आधार से मिलान करता है। कुछ वेबसाइटें कहती हैं कि यह हर साल दोहराना होता है; हमें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली।
राज्य पेंशनरों को दूसरे रिकॉर्ड से भी जाँचता है:
- आधार प्रमाणीकरण और फैमिली ID मिलान: 2024 में लगभग 1.77 लाख और 2025 में लगभग 3.32 लाख मृत या अपात्र नाम हटाए गए।
- उम्र और आय की जाँच: जहां फैमिली ID के रिकॉर्ड की उम्र या आय पेंशन के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, वहां जिला कार्यालय के निपटारे तक भुगतान रोका जाता है।
- उम्र का प्रमाण: वृद्धावस्था पेंशन के नए आवेदकों को अब आधार के अलावा किसी दस्तावेज़ से उम्र साबित करनी होती है (ऊपर देखें)।
असली पेंशन चालू रखने के लिए:
- बैंक खाता चालू, आधार-सीडेड और NPCI-मैप्ड रखें।
- आधार, फैमिली ID और पेंशन के ब्योरे एक जैसे रखें: नाम, जन्मतिथि और पता।
- पेंशन पाने वाले परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो, तो जिला कार्यालय को बताएं।
- भुगतान रुका हो, तो उम्र और आय के दस्तावेज़ लेकर जल्दी जिला कार्यालय जाएं।
ई-डिस्ट्रिक्ट से जुड़ाव — जिन प्रमाण पत्रों पर आपकी पेंशन टिकी है
हर SSPY पेंशन की शुरुआत ई-डिस्ट्रिक्ट यूपी के प्रमाण पत्रों से होती है:
- आय प्रमाण पत्र: हर पेंशन के लिए, परिवार के सीमा के अंदर होने का प्रमाण। तहसीलदार के जारी करने से पहले लेखपाल मौके पर आय का सत्यापन करते हैं।
- मृत्यु प्रमाण पत्र: विधवा पेंशन के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र मुख्य दस्तावेज़ है।
- जन्म प्रमाण पत्र: वृद्धावस्था पेंशन के लिए उम्र का सबसे अच्छा प्रमाण, अब जब आधार उम्र के लिए नहीं माना जाता।
- परिवार रजिस्टर की नकल: ग्रामीण क्षेत्र में उम्र और परिवार का प्रमाण, जो पोर्टल मानता है।
- निवास प्रमाण पत्र और राशन कार्ड: निवास और कम आय वाले परिवार का प्रमाण; पात्र गृहस्थी राशन कार्ड वाले परिवार अक्सर इन पेंशनों के पात्र होते हैं।
- यूपी फैमिली ID: इसी से राज्य 60 साल के होने वाले लोगों को खोजता है और पेंशनरों की उम्र और आय जाँचता है।
ई-डिस्ट्रिक्ट के प्रमाण पत्र और पेंशन का आवेदन, आय प्रमाण पत्र से लेकर पेंशन फॉर्म तक, सब एक ही जन सेवा केंद्र पर हो सकता है।
एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना |
| पोर्टल | sspy-up.gov.in |
| भुगतान की जाँच | pfms.nic.in → Know Your Payments |
| विभाग | समाज कल्याण (वृद्धावस्था), महिला कल्याण (विधवा), दिव्यांगजन सशक्तिकरण (दिव्यांग, कुष्ठावस्था) |
| पेंशनर | लगभग 1.2 करोड़ (वृद्धावस्था ~67 लाख, विधवा ~42.4 लाख, दिव्यांग ~12 लाख, कुष्ठावस्था ~13,700) |
| राशि | ₹1,000 महीना (वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग); ₹3,000 महीना (कुष्ठावस्था) |
| भुगतान | तिमाही, DBT से: ₹1,000 वाली पेंशन पर हर तिमाही ₹3,000 |
| ₹1,000 कब हुई | दिसंबर 2021 (वृद्धावस्था और दिव्यांग, ₹500 से) |
| ₹1,500 का प्रस्ताव | अक्टूबर 2026 में सैद्धांतिक सहमति; अभी लागू नहीं |
| आय सीमा, वृद्धावस्था और दिव्यांग | ₹46,080 ग्रामीण · ₹56,460 शहरी सालाना |
| आय सीमा, विधवा और कुष्ठावस्था | ₹2 लाख सालाना |
| उम्र | वृद्धावस्था 60+; विधवा 18+; दिव्यांग 18+ और 40%+ दिव्यांगता; कुष्ठावस्था कोई भी उम्र |
| दूसरी पेंशन | साथ में नहीं मिल सकती |
| मुख्य दस्तावेज़ | आय प्रमाण पत्र, आधार, बैंक पासबुक, फोटो |
| विधवा | पति का मृत्यु प्रमाण पत्र |
| दिव्यांग | CMO प्रमाण पत्र (40%+ प्रत्यक्ष, मानसिक या श्रवण दिव्यांगता) या UDID |
| वृद्धावस्था में उम्र का प्रमाण | आधार नहीं: परिवार रजिस्टर या शैक्षिक प्रमाण पत्र (ग्रामीण); शैक्षिक प्रमाण पत्र, वोटर ID, पैन, DL या पासपोर्ट (शहरी) |
| फैमिली ID | आवेदन के लिए ज़रूरी (राशन कार्ड नंबर, या familyid.up.gov.in पर पंजीकरण) |
| पुराने आवेदक | पोर्टल पर मोबाइल पंजीकृत करके आधार ऑनलाइन सत्यापित करें |
| हेल्पलाइन | 1800-419-0001 (समाज कल्याण, ऑफिस टाइम) · CM हेल्पलाइन 1076 · jansunwai.up.nic.in |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SSPY UP क्या है?
SSPY (सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना) उत्तर प्रदेश का सामाजिक सुरक्षा पेंशन का एकीकृत पोर्टल है, sspy-up.gov.in पर। इस पर चार पेंशन चलती हैं: वृद्धावस्था, निराश्रित महिला (विधवा), दिव्यांग और कुष्ठावस्था। लगभग 1.2 करोड़ लोगों को इसके ज़रिए पेंशन मिलती है।
SSPY पेंशन कितनी है?
वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन ₹1,000 महीना, और कुष्ठावस्था पेंशन ₹3,000 महीना। भुगतान हर तीन महीने पर होता है, यानी वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशनर को हर तिमाही ₹3,000 DBT से आधार से जुड़े बैंक खाते में मिलते हैं। वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन दिसंबर 2021 में ₹500 से बढ़कर ₹1,000 हुई।
क्या यूपी में पेंशन ₹1,500 हो गई है?
अभी नहीं। अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 महीना करने पर सैद्धांतिक सहमति दी, लेकिन कैबिनेट की मंज़ूरी अभी बाकी है और पैसा दिसंबर 2026 के अनुपूरक बजट में आने की उम्मीद है। जब तक शासनादेश जारी न हो और sspy-up.gov.in पर नई राशि न दिखे, पेंशन ₹1,000 ही है।
SSPY पेंशन की आय सीमा कितनी है?
वृद्धावस्था और दिव्यांग: परिवार की सालाना आय ग्रामीण क्षेत्र में ₹46,080 और शहरी क्षेत्र में ₹56,460 तक। विधवा (निराश्रित महिला) और कुष्ठावस्था: ₹2 लाख सालाना तक। यह आंकड़ा ई-डिस्ट्रिक्ट के आय प्रमाण पत्र से मेल खाना चाहिए।
पेंशन हर तीन महीने पर क्यों आती है?
यूपी पेंशन तिमाही किस्तों में देता है: एक बार में ₹3,000 (तीन महीने के ₹1,000), अप्रैल–जून, जुलाई–सितंबर, अक्टूबर–दिसंबर और जनवरी–मार्च की तिमाहियों के लिए। तिमाही के बीच में खाता देखने पर कुछ न दिखे, तो आम तौर पर अगली किस्त का समय ही नहीं आया होता।
मेरी पेंशन क्यों रुक गई?
आम वजहें: अगली तिमाही की किस्त का समय नहीं आया; बैंक खाता DBT के लिए आधार-सीडेड और NPCI-मैप्ड नहीं, या बंद/निष्क्रिय है; आप पुराने आवेदक हैं और पोर्टल पर अपना मोबाइल पंजीकृत करके आधार सत्यापित नहीं किया; आपकी उम्र या आय फैमिली ID के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती; या आपको कोई दूसरी सरकारी पेंशन मिल रही है। PFMS पर भुगतान देखें, बैंक खाता शाखा में ठीक कराएं, और बाकी के लिए जिला कार्यालय या CM हेल्पलाइन 1076 पर जाएं।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
सभी पेंशन के लिए: आधार, फैमिली ID (राशन कार्ड वाले परिवारों के लिए राशन कार्ड नंबर), ई-डिस्ट्रिक्ट का आय प्रमाण पत्र, आधार से जुड़ी बैंक पासबुक, फोटो और मोबाइल नंबर। वृद्धावस्था: आधार के अलावा उम्र का प्रमाण (गांव में परिवार रजिस्टर या शैक्षिक प्रमाण पत्र; शहर में शैक्षिक प्रमाण पत्र, वोटर ID, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट)। विधवा: पति का मृत्यु प्रमाण पत्र। दिव्यांग: CMO का 40% या उससे ज़्यादा का दिव्यांगता प्रमाण पत्र, या UDID कार्ड। कुष्ठावस्था: कुष्ठ से हुई दिव्यांगता का CMO प्रमाण पत्र।
क्या वृद्धावस्था पेंशन के लिए आधार उम्र का प्रमाण माना जाता है?
नए आवेदकों के लिए अब नहीं। 2026 से जिनकी पेंशन शुरू नहीं हुई है, उन्हें उम्र का दूसरा प्रमाण अपलोड करना होगा: ग्रामीण क्षेत्र में परिवार रजिस्टर या शैक्षिक प्रमाण पत्र, शहरी क्षेत्र में शैक्षिक प्रमाण पत्र, वोटर ID, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट। जिन्हें पहले से पेंशन मिल रही है, उन्हें कुछ नहीं करना है।
क्या दूसरी सरकारी पेंशन के साथ SSPY पेंशन मिल सकती है?
नहीं। जिसे केंद्र या राज्य सरकार से पहले से पेंशन मिल रही है, वह इन चारों में से कोई पेंशन नहीं ले सकता, और एक व्यक्ति को एक ही SSPY पेंशन मिल सकती है।
आवेदन का स्टेटस कैसे देखें?
sspy-up.gov.in पर मेन्यू से अपनी पेंशन का भाग खोलें (राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, या दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन) और आवेदन की स्थिति का विकल्प चुनें। अपनी पंजीकरण संख्या डालें। मंज़ूरी के बाद pfms.nic.in पर "Know Your Payments" में देखें कि पैसा भेजा गया या नहीं।
निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन किसे मिलती है?
18 साल या उससे ज़्यादा उम्र की, यूपी में रहने वाली महिला, जिसके पति की मृत्यु हो चुकी है और जिसने दोबारा शादी नहीं की, परिवार की आय ₹2 लाख सालाना तक हो और कोई दूसरी सरकारी पेंशन न मिलती हो। पति का मृत्यु प्रमाण पत्र मुख्य दस्तावेज़ है। जुलाई–सितंबर 2026 की तिमाही में लगभग 42.4 लाख महिलाओं को यह पेंशन मिली।
SSPY का हेल्पलाइन नंबर क्या है?
पोर्टल पर समाज कल्याण विभाग का टोल-फ्री नंबर 1800-419-0001 दिया है, जो चौबीसों घंटे नहीं, सिर्फ ऑफिस टाइम में काम करता है। आप jansunwai.up.nic.in या CM हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत कर सकते हैं, या अपनी पेंशन के जिला अधिकारी के पास जा सकते हैं।
कुष्ठावस्था पेंशन किसे मिलती है?
किसी भी उम्र के उस व्यक्ति को जिसे कुष्ठ रोग से किसी भी प्रतिशत की दिव्यांगता हुई हो, CMO से प्रमाणित, यूपी में रहता हो और परिवार की आय ₹2 लाख सालाना तक हो। यह ₹3,000 महीना देती है और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग चलाता है।